प्यार कहते है आशिकी कहते है कुछ लोग उसे बंदगी कहते है मगर जिसके साथ हमें मोहब्बत है हम उन्हें अपनी जिन्दगी कहते है !!
आपकी चाहत हमारी कहानी है ये कहानी इस वक़्त की मेहरबानी है हमारी मौत का तो पता नहीं पर हमारी ये ज़िंदगानी सिर्फ आपकी दीवानी है
मिली हैं रूहें तो, रस्मों की बंदिशें क्या हैं… यह जिस्म तो ख़ाक हो जाना है फिर रंजिशें क्या हैं छोटी सी ज़िन्दगी है तो तकरारें किस लिए… रहो एक दूसरे के दिलों में ये दीवारें किस लिए
किसी को बांध के रखना फितरत नही है मेरी, मैं प्रेम का धागा हूँ मजबूरी की ज़ंजीर नही..
चेहरे पर तेरे सिर्फ मेरा ही नूर होगा उसके बाद फिर तू न कभी मुझसे दूर होगा जरा सोच के तो देख क्या ख़ुशी मिलेगी जिस पल तेरी मांग में मेरे नाम का सिन्दूर होगा
कुछ लोगो की मोहब्बत दिल में इस कदर उतर जाती है, जब उन्हें दिल से निकालो तो जान निकल जाती है।
हमसे एक वादा करो हमे रुलाओगे नही, हालात जो भी हों कभी हमे भुलाओगे नही, अपनी आँखों में छुपा कर रखोगे हमको, और फिर किसी को दिखाओगे नही।
ये जिंदगी कितनी खूबसूरत है, बस अब आप आइये आपकी ही जरूरत है।
एहसास के दामन में आंसू गिरा कर देखो, प्यार कितना है कभी हमे आज़मा कर देखो, बिछड़ कर तुमसे क्या होगी दिल की हालत, कभी किसी आईने पर पत्थर गिरा कर देखो!!
ये तुमसे किसने कहा तुम इश्क का तमाशा करना, अगर मोहब्बत करते हो हमसे, तो बस हल्का सा इशारा करना!!
इश्क सभी को जीना सीखा देता है, वफ़ा के नाम पर मरना सीखा देता है, इश्क नही किया तो करके देखना, ज़ालिम हर दर्द सहना सिखा देता है।
क्यूँ दुनिया वाले मोहब्बत को खुदा का दर्ज़ा देते हैं, हमने आज तक नहीं सुना कि खुदा ने बेवफाई की हो..
सभी के चेहरे में वो बात नहीं होती, थोड़े से अंधेरे से रात नहीं होती, जिंदगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते हैं, क्या करें उन्हीं से हमारी मुलाकात नहीं होती.
निगाहें तो बस जरिया है इजहार का, जरा मेरे दिल में झांक कर देख..... एक दरिया है प्यार का...
किनारा मिला जो, किनारा नहीं था... बहाना था कोई, सहारा नहीं था... यही एक दिल जिसको समझते थे अपना, ना जाने था किसका हमारा नहीं था!
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