Batane ko jo bekarar hai wo bat batane do jara, Mohabbat ka ikrar hume karne do jara, Rakhenege tumhe apni jindgi apni jaan bana kar Bas pyar ka izhaar karnasikha do jara.
Waqt badal jata hai log badal jate hai, Sub 1 dusre ko bhul jate hai, Nahi sikha humne waqt ke sath badalna, Shayed isliye aap humei yaad aate hai.
Sometimes You Hurt The Ones Who Loves You Most, Sometimes You Hold The Ones Who Leave You Lost, And Sometimes, You Learn But It’s Too Late.
हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह किया, औरों को तो क्या हमको भी तबाह किया, पेश किया जब ग़ज़लों में हमने उनकी बेवफ़ाई को, औरों ने तो क्या उन्होने भी वाह-वाह किया |
इश्क़ ने हमें बेनाम कर दिया , हर ख़ुशी से हमे अंजान कर दिया, हमने तो कभी नहीं चाहा कि हमें भी मोहब्बत हो, लेकिन आपकी एक नज़र ने हमें नीलाम कर दिया।
साथ अगर दोगे मुस्कराएंगे जरूर , प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे जरूर , राह में कितने काँटे क्यों ना हो , आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आएँगे जरूर।
हाल अपने दिल का, मैं तुम्हें सुना नहीं पाती हूँ.. जो सोचती रहती हूँ हरपल, होंठो तक ला नहीं पाती हूँ.. बेशक बहुत मोहब्बत है, तुम्हारे लिए मेरे इस दिल में.. पर पता नहीं क्यों तुमको, फिर भी मैं बता नहीं पाती हूँ..|
काँच का तोहफा ना देना कभी, रूठ कर लोग तोड दिया करते हैं, जो बहुत अच्छे हो उनसे प्यार मत करना, अकसर अच्छे लोग ही दिल तोड दिया करते है
कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर, ख्वाइशों मे खुद को आधा ना कर, ये देगी उतना ही जितना लिख दिया खुदा ने, इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर… !!
वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही, इश्क़ में प्रेमी कभी झुकता नही, खामोश हैं हम किसी के खुशी के लिए, ना सोचो के हमारा दिल दुःखता नहीं!
रात गुमसूँ है मगर चेन खामोश नही, कैसे कह दू आज फिर होश नही, ऐसा डूबा तेरी आखो की गहराई मैं, हाथ में जाम है मगर पीने का होश नही |
उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो; जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो; इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है; इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो |
उसे भूल कर जिया तो क्या जिया , दम है तो उसे पाकर दिखा , लिख पथरों पर अपनी प्रेम कहानी , और सागर को बोल , दम है तो इसे मिटाकर दिखा |
बिन बात के ही रूठने की आदत है; किसी अपने का साथ पाने की चाहत है; आप खुश रहें, मेरा क्या है; मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।
ज़माने से नहीं, तन्हाई से डरते हैं, प्यार से नहीं, रुसवाई से डरते हैं, मिलने की उमंग है दिल में लेकिन, मिलने के बाद तेरी जुदाई से डरते हैं |
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