Skip to content
ShayariBooksA home for words.
Words for every feeling

Romantic Shayari

A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.

Share your writing ↗
299 piecesLatest published writing · Page 9
Romantic Shayari
आँख से दूर सही दिल से कहाँ जाएगा जाने वाले तो हमें याद बहुत आएगा !!
Romantic Shayari
आपकी आँखें उठी तो दुआ बन गई आपकी आँखें झुकी तो अदा बन गई झुक कर उठी तो हया बन गई उठ कर झुकी तो सदा बन गई!!
Romantic Shayari
झील अच्छा, कँवल अच्छा के जाम अच्छा है, तेरी आँखों के लिए कौन सा नाम अच्छा है.
Romantic Shayari
वो कहने लगी, नकाब में भी पहचान लेते हो हजारों के बीच ? मैंने मुस्करा के कहा, तेरी आँखों से ही शुरू हुआ था इश्क हज़ारों के बीच..
Romantic Shayari
क़ैद ख़ानें हैं, बिन सलाख़ों के, कुछ यूँ चर्चें हैं , तुम्हारी आँखों के.
Romantic Shayari
इश्क़ हो रहा है उनसे क्या किया जाए, रोके अपने आपको या होने दिया जाए।।
Romantic Shayari
इस भीगे भीगे मौसम में थी आस तुम्हारे आने की तुमको अगर फुर्सत ही नहीं तो आग लगे बरसातों को
Romantic Shayari
गर मेरी चाहतों के मुताबिक जमाने की हर बात होती तो बस में होता तुम होती और सारी रात बरसात होती
Romantic Shayari
ये मौसम भी कितना प्यारा है करती ये हवाएं कुछ इशारा है जरा समझो इनके जज्बातों को ये कह रही हैं किसी ने दिल से पुकारा है
Romantic Shayari
चाहता हूँ तुम्हें नज़र में बसा लूँ ,औरों की नजरों से तुम्हें बचा लूँ,कहीं चूरा ना ले तुम्हें मुझसे कोई,आ तुझे मैं अपनी धड़कन में छुपा लूँ.sk.
Romantic Shayari
तूफान की बात नहीं, तूफान तो आते जाते हैं, नर्म हवा का झोंका है, जो दिल के बाग मे ठहरा है!!
Romantic Shayari
मेरी आंखों के जादू से तुम वाकिफ नहीं हो, वरना मैं उसे पागल कर देता हूं, जिस पर मुझे प्यार आ जाए!!
Romantic Shayari
ना दिन का पता ना रात का, एक जवाब दे रब मेरी बात का, कितने दिन बीत गए उससे बिछड़े हुए, ये बता दे कौन सा दिन रखा है हमारी मुलाकात का?
Romantic Shayari
नजरे जो झुखाओगे तो दीदार कैसे होगा निगाहें जो छुपाओगे तो इकरार कैसे होगा प्यार में तो होती हैं आँखों से बातें… आँखे जो चुराओगे तो प्यार कैसे होगा
Romantic Shayari
जब” से “वो” हमें “जगा” गए “हम” “उम्र” भर “सो” न सके, “जाने” क्या “कशिश” थी उनमे, “किसी” और को “हम” “अपना” “बना” न सके…!!

Your voice belongs here.

Share a thought, a poem or a story with the community.

Start writing ↗