ऐ मेरा जनाज़ा उठाने वालो, देखना कोई बेवफा पास न हो, अगर हो तो उस से कहना, आज तो खुशी का मौका है, उदास न हो.....!!!
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा, वो मुझे सलाम करते है जिन्हे तु सलाम करती हैं......!!!
ये भी अच्छा हुआ कि, कुदरत ने रंगीन नही रखे ये आँसू, वरना जिसके दामन में गिरते, वो भी… बदनाम हो जाता….!!!
करेगा जमाना भी हमारी कदर एक दिन, देख लेना.. बस जरा वफ़ा की बुरी आदत छुट जाने दो…..!!!
ना हँसते ख़ुद-ब-ख़ुद तो…कब के मर जाते, ज़िन्दगी तूने तो कभी, मुस्कुराने की वज़ह नहीं दी.....!!!
मजबूरिया थी उनकी... और जुदा हम हुए, तब भी कहते है वो… कि बेवफ़ा हम हुए….....!!!
संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को, बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया......!!!
मोत से पहेले भी एक मौत होती है, देखो जरा तुम जुदा होकर किसी से......!!!
गुमान न कर अपनी खुश-नसीबी का खुदा ने गर चाहा तो तुझे भी इश्क होगा......!!!
ज़िन्दा है तो बस तेरी ही इश्क की रहेमत पर, मर गए हम तो समझना तेरा प्यार कम पड़ा रहा था.....!!!
दर्द की दीवार पर फरियाद लिखा करते हैं, हर रात तन्हाई को आबाद किया करते है.......!!!
मैं उसकी ज़िंदगी से चला जाऊं यह उसकी दुआ थी, और उसकी हर दुआ पूरी हो यह मेरी दुआ थी.....!!!
ऐ खुदा…!! तुजसे एक सवाल है मेरा, उसके चहेरे क्यूँ नहीं बदलते, जो इन्शान "बदल" जाते है.….!!!
पैसे के नशे में जब आदमी चूर होता है, उसे लालच का हर फैसला मंजूर होता है.....!!!
ज़िन्दगी ने आज कह दिया है मुझे, किसी और से प्यार है, मेरी मौत से पूछो, अब उसे किस बात का इंतज़ार है.....!!!
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