ऐ ज़िन्दगी तू अपनी रफ़्तार पे ना इतरा,
जो रोक ली मैंने अपनी साँसें तो तू भी चल ना पायेगी…!!!
Writer’s notebook
Share your writing ↗The writing of Ansh_ 8896914463
Thoughts, feelings and moments shared with the community.
कौन खरीदेगा अब हीरों के दाम में तुम्हारें आंशू,
वो जो दर्द का सौदागर था, मोहब्बत छोड़ दी उसने......!!!
मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है,
पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है.......!!!
खुशियाँ तो कब की रूठ गयी हैं काश की,
इस ज़िन्दगी को भी किसी की नज़र लग जाये....!!!
हमने दिल जो वापीस मांगा तो सिर जुका के बोले,
वो तो टुंट गया युहि खेलते खेलते…….!!!
मैंने आंसू को समझाया, भरी महफ़िल में ना आया करो,
आंसू बोला, तुमको भरी महफ़िल में तन्हा पाते है,
इसीलिए तो चुपके से चले आते है….!!!
जाते जाते उसने पलटकर इतना ही कहा मुझसे,
मेरी बेवफाई से ही मर जाओगे या मार के जाऊँ.....!!!
तेरी मुहब्बत भी किराये के घर की तरह थी,
कितना भी सजाया पर मेरी नहीं हुई….!!!
जब हुई थी मोहब्बत तो लगा किसी अच्छे काम का है सिला,
खबर न थी के गुनाहों कि सजा ऐसे भी मिलती है....!!!
खुदा से भी पहले तेरा नाम लिया है मैंने,
क्या पता तुझे कितना याद किया है मैंने,
काश सुन सके तू धड़कन मेरी,
हर सांस को तेरे नाम से जिया है मैंने........!!!
यूँ नज़रें वो नीचे किए चले जा रहें हैं,
पास आशिक़ खड़े यूँ परेशाँ हुए जा रहें हैं,
कोई कहता है ज़ालिम अपनी नज़र तो उठा,
हम तेरे रूख का दीदार करने को मरे जा रहें हैं.......!!!
गम ना कर ज़िंदगी बहुत बड़ी है,
चाहत की महफ़िल तेरे लिए सजी है,
बस एक बार मुस्कुरा कर तो देख,
तक़दीर खुद तुझसे मिलने बाहर खड़ी है….....!!!
लोग पूछते हैं की तुम क्यूँ अपनी मोहब्बत का इज़हार नहीं करते,
हमने कहा जो लब्जों में बयां हो जाये,
सिर्फ उतना हम किसी से प्यार नहीं करते….......!!!
सब कुछ मिला सुकून की दौलत ना मिली,
एक तुझको भूल जाने की मोहलत ना मिली,
करने को बहुत काम थे अपने लिए,
मगर हमको तेरे ख्याल से फुर्सत ना मिली.....!!!
आये हो जो आँखों में कुछ देर ठहर जाओ,
एक उम्र गुजरती है एक ख्वाब सजाने में.........!!!
Your voice belongs here.
Share a thought, a poem or a story with the community.
Start writing ↗