कैसे मुमकिन था किसी डॉक्टर से इलाज करना
अरे दोस्त…. इश्क का रोग था…
मम्मी के चप्पल से ही आराम आया…...!!!
Writer’s notebook
Share your writing ↗The writing of Ansh_ 8896914463
Thoughts, feelings and moments shared with the community.
दर्द भी वही देते है जिन्हे हक़ दिया जाता है
वरना ..
गैर तो धक्का लगने पर भी माफ़ी मांग लेते है ..||||
चिंता मत कर मेरी जान |
शक्ल तो क्या ......|
तुम्हे मेरा कफ़न देखने का
भी मौका नहीं मिलेगा ..... !!!!!
खुद ही रोये और रोकर चुप हो गऐ,
बस यही सोच कर कि आज कोई अपना होता तो रोने नही देता.....!!!
फर्क है दोस्ती और मोहोब्बत मे,
बरसो बाद मिलने पर दोस्ती सीने से लगा लेती है,
और मोहब्बत नज़र चुरा लेती है….!!!
दिलों से खेलना हमे भी आता है,
पर जीस खेल में खिलौना टूट जाये,
वो खेल हमे पसंद नही.....!!!
ज़रा शिद्दत से चाहो तभी होगी आरज़ू पूरी,
हम वो नहीं जो तुम्हे खैरात में मिल जायेंगे.....!!!
तुम्हारा आना एक ख़्याल था,
जाना भी एक सपने जैसा है…...!!!
जुर्म गर मैंने किया है तो बताया जाए,
ऐसे चुप चाप न सूली पे चढाया जाए......!!!
हिचकियों को न भेजो अपना मुखबिर बना के,
हमें और भी काम हैं तुम्हें याद करने के सिवा.....!!!
ऐसा नहीं कि शख्स अच्छा नहीं था वो,
जैसा मेरे ख्याल में था बस वैसा नहीं था वो……!!!
तुम्हे हक़ है अपनी ज़िन्दगी जैसे चाहे जियो तुम,
बस जरा एक पल के लिए सोचना तुम मेरी ज़िन्दगी हो…...!!!
जब गिला शिकवा अपनों से हो तो ख़ामोशी भली,
अब हर बात पर जंग हो जरूरी तो नहीं…..!!!
नजर अंदाज करने कि कुछ तो वजह बताई होती,
अब में कहाँ कहाँ खुद में बुराई ढूँढू ….!!!
तेरे गुस्से पर भी आज हमें प्यार आया है,
चलो कोई तो है.. जिसने इतने हक से, हमें धमकाया है....!!!
Your voice belongs here.
Share a thought, a poem or a story with the community.
Start writing ↗