वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में हैं, उससे जुबां पर लाओ और बयां कर दो, आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ, हम बस सुनें ऐसे बे-ज़ुबान कर दो.
दिल का दर्द युँ लफ़्ज़ों में बयाँ करते ही नहीं, तेरी तसवीर आँखों से न बह जाये इसलिये रोते ही नहीं, तेरे इश्क़ का जुनुँ छाया है इस क़दर, ज़िंदा हैं ईसी ग़ुमान में वर्ना हम होते ही नहीं
Nazare karam mujh par itana na kar.. ki teri mohabbat ke lie baagi ho jaaun, mujhe itana na pila ishq-e-jaam ki, main ishq ke jahar ka aadi ho jaaun.
कुछ खूबसूरत पल याद आते हैं, पलकों पर आँसु छोड जाते हैं, कल कोई और मिले हमें न भुलना क्योंकि कुछ रिश्ते जिन्दगी भर याद आते हैं|
वो नहीं आती पर निशानी भेज देती है ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है कितने मीठे हे उसकी यादो के मंज़र। कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है!!
वो तो अपनी एक आदत को भी ना बदल सका.. जाने क्यूँ मैंने उसके लिए अपनी जिंदगी बदल डाली
सुना था.. मोहब्बत मिलती है, मोहब्बत के बदले | हमारी बारी आई तो, रिवाज हि बदल गया ||
बड़े शौक से बनाया तुमने मेरे दिल मे अपना घर जब रहने की बारी आई तो तुमने ठिकाना बदल दिया।
वो हमें भूल भी जायें तो कोई गम नहीं, जाना उनका जान जाने से भी कम नहीं, जाने कैसे ज़ख़्म दिए हैं उसने इस दिल को, कि हर कोई कहता है कि इस दर्द की कोई मरहम नहीं।
रोते रहे तुम भी, रोते रहे हम भी, कहते रहे तुम भी और कहते रहे हम भी, ना जाने इस ज़माने को हमारे इश्क़ से क्या नाराज़गी थी, बस समझाते रहे तुम भी और समझाते रहे हम भी।
हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह किया, औरों को तो क्या हमको भी तबाह किया, पेश किया जब ग़ज़लों में हमने उनकी बेवफ़ाई को, औरों ने तो क्या उन्होने भी वाह-वाह किया.
आंसूओ तले मेरे सारे अरमान बह गये, जिनसे उमीद लगाए थे वही बेवफा हो गये, थी हूमे जिन चिरागो से उजाले की चाह, वो चिराग ना जाने किन अंधेरो में खो गये.
कदम कदम पर बहारो ने साथ छोडा, जरुरत पडने पर यारो ने साथ छोडा, बादा किया सितारोँ ने साथ निभाने का, सुबह होने सितारो ने साथ छोडा.
डूबते हैं तो पानी को दोष देते हैं, गिरते हैं तो पत्थर को दोष देते हैं, इंशान भी क्या अजीब हैं दोस्तों.. कुछ कर नहीं पाता तो किस्मत को दोष देते है
याद करते है तुम्हे तनहाई में, दिल डूबा है गमो की गहराई में, हमें मत धुन्ड़ना दुनिया की भीड़ में, हम मिलेंगे में तुम्हे तुम्हारी परछाई में.
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