रोते रहे तुम भी, रोते रहे हम भी, कहते रहे तुम भी और कहते रहे हम भी, ना जाने इस ज़माने को हमारे इश्क़ से क्या नाराज़गी थी, बस समझाते रहे तुम भी और समझाते रहे हम भी।
हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह किया, औरों को तो क्या हमको भी तबाह किया, पेश किया जब ग़ज़लों में हमने उनकी बेवफ़ाई को, औरों ने तो क्या उन्होने भी वाह-वाह किया.
आंसूओ तले मेरे सारे अरमान बह गये, जिनसे उमीद लगाए थे वही बेवफा हो गये, थी हूमे जिन चिरागो से उजाले की चाह, वो चिराग ना जाने किन अंधेरो में खो गये.
कदम कदम पर बहारो ने साथ छोडा, जरुरत पडने पर यारो ने साथ छोडा, बादा किया सितारोँ ने साथ निभाने का, सुबह होने सितारो ने साथ छोडा.
डूबते हैं तो पानी को दोष देते हैं, गिरते हैं तो पत्थर को दोष देते हैं, इंशान भी क्या अजीब हैं दोस्तों.. कुछ कर नहीं पाता तो किस्मत को दोष देते है
याद करते है तुम्हे तनहाई में, दिल डूबा है गमो की गहराई में, हमें मत धुन्ड़ना दुनिया की भीड़ में, हम मिलेंगे में तुम्हे तुम्हारी परछाई में.
ज़िन्दगी लहर थी आप साहिल हुए, न जाने कैसे हम आपकी दोस्ती के काबिल हुए, न भूलेंगे हम उस हसीं पल को, जब आप हमारी छोटी सी ज़िन्दगी में शामिल हुए.
न दिल में बसाकर भुलाया करते हैं, ना हँसकर रुलाया करते हैं, कभी महसूस कर के देख लेना, हम जैसे तोह दिल से रिश्ते निभाया करते है.
यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे, खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे, माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की, पर हँसते-हस्ते कभी वो भी रोए होंगे.
चाहत वो नहीं जो जान देती है, चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है, ऐ दोस्त चाहत तो वो है, जो पानी में गिरा आंसू पहचान लेती हैं.
फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में, फर्क होता है किस्मत और लकीर में.. अगर कुछ चाहो और न मिले तो समझ लेना.. कि कुछ और अच्छा लिखा है तक़दीर में।
बेजान चीज़ो को बदनाम करने के तरीके कितने आसान होते है….! लोग सुनते है छुप छुप के बाते , और कहते है के दीवारो को भी कान होते हैं !!
राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।
भरोसा खुद पर रखो तो.. ताकत बन जाती है, और दूसरों पर रखो तो.. कमजोरी बन जाती है!!
खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं, ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं !
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