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Priyanka Yadav

New Delhi

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Writer’s notebook

The writing of Priyanka Yadav

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29 piecesLatest published writing · Page 2
Dosti Shayari
1.सुकून अपने दिल का मैंने खो दिया खुद को तन्हाई के समुन्दर में डूबो दिया जो थी मेरे कभी मुस्कुराने की वजह आज उसकी कमी ने मेरी पलकों को भीगो दिया
Dosti Shayari
बिकता है गम इश्क के बाज़ार में, लाखों दर्द छुपे होते हैं. एक छोटे से इंकार में, हो जाओ अगर ज़माने से दुखी, तो स्वागत है हमारी दोस्ती के दरबार में.”
Dosti Shayari
सबकी ज़िन्दगी में खुशिया देने वाले, मेरे दोस्त की ज़िन्दगी में कोई गम न हो. उसको मुझसे भी अच्छे दोस्त मिले, अब इस दुनिया में हम न हो.”
Dosti Shayari
गुनाह करके सजा से डरते है, ज़हर पी के दवा से डरते है. दुश्मनो के सितम का खौफ नहीं हमे, हम तो दोस्तों के खफा होने से डरते है.”
Dosti Shayari
“दोस्त को भूलना ग़लत बात है. उन्ही का तो जिंदगी भर साथ है. अगर भूल गये तो सिर्फ़ खाली हाथ है, अगर साथ रहे तो ज़माना कहेगा-‘क्या बात है'”
Dosti Shayari
दिन बीत जाते है सुहानी यादें बनकर, बाते रह जाती है कहानी बनकर, पर दोस्त तो हमेशा दिल के करीब रहते है, कभी मुस्कान तो कभी, आँखों का पानी बनकर।
Dosti Shayari
कहीं अंधेरा तो कहीं शाम होगी, मेरी हर ख़ुशी तेरे नाम होगी, कभी मांग कर तो देख हमसे ए दोस्त, होंठो पर हसीं और हथेली पर जान होगी।
Dosti Shayari
लोग रूप देखते है ,हम दिल देखते है , लोग सपने देखते है हम हक़ीकत देखते है, लोग दुनिया मे दोस्त देखते है, हम दोस्तो मे दुनिया देखते है।
Dosti Shayari
इंतजार करता है हर शाम तेरा ये दिन कटते हैं लेकर नाम तेरा जिना भी हुआ है मुश्किल बिन तेरे अब लौट आना ले इंतहान मेरा।
Dosti Shayari
सब कहते है की तेरे दर्द से मुझे तकलीफहोती है ,तो सुन मेरी फितरत में नहि दर्द बया करना ,यदि सच में तेरे वजदू का एक हिंसा हु ,तो आज मसूस कर तक़लिब मेरी।
Dosti Shayari
सब कहते है की तेरे दर्द से मुझे तकलीफहोती है ,तो सुन मेरी फितरत में नहि दर्द बया करना ,यदि सच में तेरे वजदू का एक हिंसा हु ,तो आज मसूस कर तक़लिब मेरी। sab kahate hai kee tere dard se mujhe takaleephahotee hai ,to sun meree phitarat mein nahi dard baya karana ,yadi sach mein tere vajadoo ka ek hinsa hu ,to aaj masoos kar taqalib meree. 151/5000 Everyone says that I suffer from your pain, so do not be afraid to express my pain, if there is really a violence of your own vigor, then today I am spellbound and trembling my wife. Send feedback History Saved Community
Dosti Shayari
मत करें कि यहां पर ना कर एतबार यहां पर कुछ लोग होते हैं मतलबी जन्मों के रिश्ते एक पल में चित्त ही तोड़ जाते हैं यहां पर............|
Dosti Shayari
अपनों के लिए दूसरों को भुला देना सपनों के लिए सारी जान लगा देना पर एक बात हर समय याद रखना किसी गैर के लिए अपनों को ना भुला देना
Dosti Shayari
यदिअपनों का दर्द ,और पाने की चाहत न होती ,तो न कोड खुदा होता ,और न कोई इवादत होती।

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