“मैं उनसे आज तक कभी पाया नहीं गया,
जानॉं ! जो मेरे शौक़ के आलम मिले तुम्हें !
यूँ हो कि कोई और ही हव्वा मिले मुझे,
हो यूँ कि कोई और ही आदम मिले तुम्हें..!”
Words for every feeling
Share your writing ↗Attitude Shayari
A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.
ऐ खुदा मुझे तेरा साथ जिंदगी भर नहीं चाहिए , बल्कि जब तक तू साथ है तब तक जिंदगी चाहिए....!
???

जिंदगी का यह सफर कुछ इस कदर सुहाना होना चाहिए!
सितम भले हो हजार पर अंदाज़ शायराना होना चाहिए!
#शुभप्रभात ?
जिंदगी का यह सफर कुछ इस कदर सुहाना होना चाहिए!
सितम भले हो हजार पर अंदाज़ शायराना होना चाहिए!
#शुभप्रभात ?
अपनी सोच बदलो देश अपने आप बदल जाएगा।
It’s always been about perspective!
#CleanIndia

देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं में हिन्दू महीने चैत के स्वागत पर्व "फूलदेई" की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें ।
#फूलदेई #उत्तराखंड

He is hope ...??
He is eternal..??
Har Har Mahadev...
Rishikesh Uttarakhand

सत्ता में बैठे शराब तस्कर परेशान है कि विपक्ष द्वारा सड़क से लेकर सदन तक उनकी पोल-पट्टी क्यों खोली जा रही है?
#नीतिश कुमार होश में आओ#

#नयी_हवा_है_नयी_सपा_है
#बड़ों_का_हाथ_युवा_का_साथ

?? हर हर महादेव ?? सत्यम् शिवम् सुन्दरम्
देवी सुरेश्वरी ! भगवती गंगे ! !! #Himalayas #Uttrakhand
मदारी अनपढ़ होता है, फिर भी पढ़े लिखें लोगों को खेल दिखा कर तालिया बजवा लेंता है...
और अंत मे झोला भर कर निकल जाता है..
???
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में 12 मार्च 1930 को संपूर्ण स्वाधीनता के लिए 'सविनय अवज्ञा' के नाम से एक आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
उस आंदोलन के पुनर्स्मरण हेतु आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के मार्गदर्शन में साबरमती आश्रम से 'पदयात्रा' प्रारंभ हुई है।
मेरा सौभाग्य है कि आज मैं भारत माता के महान सपूतों को .विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए 'आजादी का अमृत महोत्सव' से संबंधित कार्यक्रम के साथ जुड़ रहा हूं।
यह महोत्सव युवा पीढ़ी को स्वाधीनता आंदोलन का स्मरण कराते हुए उन्हें चुनौतियों से जूझने के लिए नई प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान करेगा।
नाम उन्हीं का होता है जो "बस्ती' से निकलकर "हस्ती' बन जाते हैं!??
..
"यह धरा कितनी बड़ी है ,एक तुम क्या एक मैं क्या ?
दृष्टि का विस्तार है यह ,अश्रु जो गिरने चला है ,
राम से सीता अलग हैं ,कृष्ण से राधा अलग हैं ,
नियति का हर न्याय सच्चा ,हर कलेवर में कला है..!"
“शहर जाकर तुझे बस रात की शोखी हुई हासिल,
मैं अपने गाँव की इक शाम तेरे नाम करता हूँ...!”❤️

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