कोशिश बहुत की, राज़-ए-मुहब्बत बयाँ न हो, मुमकिन कहाँ था, आग लगे और धुआँ न हो..........!!!
ख्वाहिशों को जेब में रखकर निकला कीजिये जनाब, खर्चा बहुत होता है, मंजिलों को पाने में.........!!!
क्या बात करे यार इस दुनीया की, जो सामने है ऊसे बुरा कहते है, और जीसे कभी देखा नही ऊसे "खुदा" कहते है......!!!
ऐ खुदा काश !! तेरा भी एक खुदा होता तो तुझे भी ये अहसास होता कि, दुआ कुबुल ना होने पे कितनी तकलीफ होती है…...!!!
उसने यह सोचकर अलविदा कह दिया, गरीब लोग हैं.... मुहब्बत के सिवा क्या देँगे…..!!!
सुलग रही हैं अगरबितयाँ सी मुझ में, तेरी याद ने महका भी दिया और जला भी दिया…...!!!
न करवटे थी न बेचैनियाँ थी, क्या गजब की नींद थी मोहब्बत से पहले…...!!!
छोटे थे तो सब नाम से बुलाते थे, बड़े हुए तो बस काम से बुलाते है.....!!!
शायरी मेरा शौक नहीं, ये तो मोहोब्बत की कुछ सज़ाएं हैं…...!!!
वो तो कह कर चली गयी की मुझे कल से भूल जाना, सदियों से में "आज" को रोक कर बैठा हूँ........!!!
ऐ जिंदगी तू सच में बहुत ख़ूबसूरत है, फिर भी तू उसके बिना अच्छी नहीँ लगती…..!!!
एक तरफ एक क़ातिल है, एक तरफ एक हसीना, मै क़ातिल की तरफ गया, सोचकर की वो एक ही बार मौत देगा.......!!
कल एक फ़कीर ने मेरी आँखों में झांक के बोला, ऐ बन्दे तू तो बहुत खुशमिजाज़ था… इश्क़ होने से पहले……!!!
चले जाएंगे तुझे तेरे हाल पर छोड़कर, कदर क्या होती है ये तुझे वक्त सिखा देगा…..!!!
मैं तेरे नसीब कि बारिश नहीं जो तुजपे बरस जाऊं, तुजे तक़दीर बदलनी होगी मुझे पाने के लिए..........!!!
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