Bewafa Shayari

मुस्कराते रहो तो दुनिया आप के कदमों मे होगी, वरना आसुओ को तो आखे भी जगह नही देती........!!!

मुझे नींद की इजाज़त भी उसकी यादों से लेनी पड़ती है, जो खुद तो सो जाता है, मुझे करवटों में छोड़ कर......!!!

जिंदगी आ बैठ, ज़रा बात तो सुन, मुहब्बत कर बैठा हूँ, कोई मशवरा तो दे.......!!!

आराम से कट रही थी तो अच्छी थी, जिंदगी तू कहाँ इन आँखों की, बातों में आ गयी.....!!!

मुझे दुआएं दिल से मिली हैं, कभी खरीदने को जेब में हाथ नहीं डाला…...!!!

कोशिश बहुत की, राज़-ए-मुहब्बत बयाँ न हो, मुमकिन कहाँ था, आग लगे और धुआँ न हो..........!!!

ख्वाहिशों को जेब में रखकर निकला कीजिये जनाब, खर्चा बहुत होता है, मंजिलों को पाने में.........!!!

क्या बात करे यार इस दुनीया की, जो सामने है ऊसे बुरा कहते है, और जीसे कभी देखा नही ऊसे "खुदा" कहते है......!!!

ऐ खुदा काश !! तेरा भी एक खुदा होता तो तुझे भी ये अहसास होता कि, दुआ कुबुल ना होने पे कितनी तकलीफ होती है…...!!!

उसने यह सोचकर अलविदा कह दिया, गरीब लोग हैं.... मुहब्बत के सिवा क्या देँगे…..!!!

सुलग रही हैं अगरबितयाँ सी मुझ में, तेरी याद ने महका भी दिया और जला भी दिया…...!!!

न करवटे थी न बेचैनियाँ थी, क्या गजब की नींद थी मोहब्बत से पहले…...!!!

छोटे थे तो सब नाम से बुलाते थे, बड़े हुए तो बस काम से बुलाते है.....!!!

शायरी मेरा शौक नहीं, ये तो मोहोब्बत की कुछ सज़ाएं हैं…...!!!

वो तो कह कर चली गयी की मुझे कल से भूल जाना, सदियों से में "आज" को रोक कर बैठा हूँ........!!!