किसी के दर्द की दवा बनो...., ज़ख़्म तो हर कोई देता है ????
उसने कोशिश तो बहुत की, कि टूट जाऊँ मैं,.... अब टूटा हुआ और कितना टूटे
Kabhi sath diya..... Kabhi saath chhod diya ... Dil lga ke fir.. Dil kyu tod diya
फिर बस्ते नही वो दिल जो एक बार टूट जाते हैं, कब्र को कितना भी सजा लो लोग ज़िन्दा नही होते
हमारी खामोशी ने हमे खामोश कर दिया, वर्ना दर्द इतना लिखते कि जमाना रोता
ख़ाली ख़ाली घर एकदम से भर गया, उदास बैठा था जो लड़का कल रात ही मर गया
तुमको मेरे जैसे बहुत मिलेगे, पर उन सब में मैं नही मिलूंगा
आसान नही ऐसे शख्स समझना, जो जानता सब कुछ है पर बोलता कुछ नही
मुफ्त में मिले तब भी मत लेना, दिल अभी और भी सस्ते होंगे
अकेले रह जाते है वो लोग, जो अपने से ज्यादा दूसरों की फिक्र करते हैं
मैं इतनी छोटी कहानी भी न थी, बस तुझे जल्दी थी किताब बदलने की
ना कोई हमदर्द था , ना कोई दर्द था, फिर एक हमदर्द मिला, उसी से सारा दर्द मिला
किस्मत बुरी थी या मैं, ये फैसला ना हो सका I मैं सबका होता गया, पर कोई मेरा ना हो सका
जिनके दिल साफ होते हैं, वो अक्सर ठुकरा दिए जाते हैं
हमको सूरज पर चलने को कहके खुद चांद पर चलते हैं, इनका ये जो रंग बदलने का हुनर है इसे देख गिरगिट भी जलते हैं ????
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