kyon banati Ho ret ke Mahal jinhen Tum cal khud mithe hogi Aaj kahate hipyar hai cal hamara Naam bhul jaaogi
तुम जब सोई होती होना तो एक शांत समुद्र की तरह लगते हो Or गुस्से में होती हो तो लगती है समंदर की laharo में सारा Shahar डब जाएगा
हां हां तुमसे मोहाबत होगायी हे !! हां हां तुमसे मोहाबत होगायी है !! तुम्हारे नजरो में नजर मिलके बात करना आज मुस्किल होगई ही... में जनतथा ये रास्ता आसान नहीं ही फिर बि तुमसे मोहब्बत होगयी ही. हां हां तुमसे मोहाबत होगायी ह हे !! ये बकिया महज एक बाकिया नही, जो में इतनी आसानी से भूल जाऊं, ये मेरे मन में अब घर करगायी ही... तुम्हे धीरे से निहार न, तुम्हारी मुस्कुराहट को हल्की निघाओं से देखे के खुशी महसूस करना, अब आदत होगाई ही. बेसक तुम जब हस्ती हो, बहत खूबसूरत लगती हो ll हां हां तुमसे मोहाबत होगायी है !! तुम्हारे साथ लंच में जाना और और walk पे जाना सैयद मेरा एक बहाना हो, जो मुझे अच्छा लगता है.. जो में बेसब्री से इंतजार कर्ताओं ..ये पाल तुम्हारे साथ बिताने की... और याद ही , जब तुम पहली बार चाय की payment किए थे... इसी दिन मुझे लगा..."you are mah type". अब तुम्हारी ये अदायें, मुझे भा गईं हैं हां हां तुमसे मोहाबत होगायी है !! कहीं न कही में थोरासा दुखी होजता हूं, जब तुम saturday WFH ले लेटे हो, सैयद यही एक दिन रहता है जो में तुमसे खुलके बात कर पाता हूं. वैसे बाकी का दिन तुम्हारी खूबसूरती निहारते ही निकल जाता है. हां हां तुमसे मोहाबत होगायी है !! गजब!! जब तुम वो फ्लोरल वाला ड्रेस में थी, तुम बहत प्यारी लगरिथ. जाने अंजनेके में गोविंद को बता दियथा और वो तुम्हे. थोड़ा सा तो में nervous था पर जो था अच्छा था. सैयद उसी दिन से में ... धीरे धीरे से आगे बढ़ता गया एक बेहरान रास्ते में। हां पर उसी दिन ही तुम मेरे मन की भूमि में एक प्रेम की दीप जलायीथी... हां हां तुमसे मोहाबत होगायी है || वैसे तुमसे कुछ पनेकी मेरा कोई उम्मीद नी ही...बस ये एक मेरे मन की चोटी सी परिभाषा.. नोट: ऐसे अगर लिखता गया खतम न होगा...तो रहने दो आज!!
प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। में तुम्हारे मन को समझ ने की कोसिस कियथा, तन को नही। में तुम्हे महसूस करने की सोचा था, पाने की नही। प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। पता है, तुम्हारे साथ में सेलफी भी ना ले पाया अभितक, ये सोच के , कहीं तुम्हे ऑकवार्ड ना लगे।। और तुम्हें मेरे पे ही भरोसा नही।। अरे, प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। उस दिन बहुत बुरा लागा था, जब तुम मेरे साथ चलनेके बोलके फिर इनकार करदियेथे , वो भी कोई तिश्रे के कारण, अरे तुम ऐसे ही मना करदेते सैयद में मान लेता... पर जो हुआ अच्छा नहीं हुआ। अरे, प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। मन तो बहुत था, तुम्हारे साथ कुछ पल अकेले में बिताने की, मुझे गलत मत समझो, माने कुछ अपनी बात करना था, पर कभी पूछ ही नी पाया, चाहे वो चाय ब्रेक हो या फिर लंच ब्रेक हो ये सोच के , कहीं तुम्हे ऑकवार्ड ना लगे।। अरे, प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे।। काश पहले जैसा सब कुछ वापस लौट आए वोही पुरानी हंसना, खुल्के बाते शेयर करना, लौट आए।। वैसे आज तुम बहुत gum sum thi अरे इतना भी मत सोचो ।। प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे।। #Friendship forever
बेखबर हो जातें हैं कुछ लोग, जिनको सब खबर रहती है। M.kardam..😏
में एक सड़क की तरह बनता चला जा रहा हूँ , तू उस धूल की तरह किनारा ले रही है |
yaado me teri yaade hai kuch yaade hai yaad nahi teri yaad me sub kuch bhul gae kya bhul gae kuch yaad nahi kya yaad ho bus yaad ho tum kyu yaad ho ye bhi yaad nahi
देश की प्रगति में किसानों का योगदान सबसे बड़ा है। किसान दिवस के अवसर पर हम सभी अन्नदाताओं का आभार व्यक्त करते हैं और उनकी कड़ी मेहनत और दृढ संकल्प की भावना को नमन करते हैं। #KisanDiwas #Farmers #Agriculture #FarmersOfIndia #Farming
मुनाफा का तो पता नहीं लेकिन बेचने वाले तो यादों को भी कारोबार बना कर बेच देते है
तिम्रो लागि गाएँ मैले मायाको एउटा गीत। यो दुनियामा हुनेछ हाम्रो मायाको अवश्य जित।।
लो कहती थी ना तुम्हारा दिल पत्थर का है। तुमसे बिछड़ने का सोचकर दिल और आंख दोनों रो पड़ा हैं।।
मेरी दास्तां खतम होने वाली है काश एक बार उसका दीदार हो जाए ।। और उसका दीदार होते ही मेरी आंखों को सुकून हो जाए फिर इन आंखों को चाहे चील या कौवे नोचे चाहे फिर मेरी रूह ही नस्ट हो जाए।।
हाथ पकड़ ले अभी तेरा हो सकता हूं मैं । भीड़ बहुत है इस मेले में खो सकता हूं मैं । पीछे छूटे साथी मुझे याद आते है, वरना इस दौड़ में सबसे आगे हो सकता हूं मैं । एक मासूम सा बच्चा मुझमें अब तक जिंदा है, छोटी छोटी बातो पे फिर रो सकता हूं मैं ।
दोस्ती में दोस्त, दोस्त का खुदा होता है। और एहसास तब होता है, जब दोस्त दोस्त से जुदा होता है।
जख्म इतने मिले फिर सिले ही नहीं। दीप ऐसे बुझे फिर जले ही नहीं। ब्यर्थ किस्मत पे रोने से क्या फायदा, सोच लेना कि हम तुम मिले ही नहीं।
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