♥️तेरी याद ना आए वो तन्हाई किस काम की । बिगड़े रिश्ते ना बना दे वो खुदाई किस काम की।
बेसक हमे जाना है अपनी मंज़िल तक, लेकिन जहा से अपने ना दिखाई दे वो उच्चाई किस काम की।♥️
बात हीरा,बात मोती और बात मर्दों की शान होती हैं। बात से बात नहीं, काम की बात बड़ी मुश्किल से होती हैं। और बात भी उसी की होती हैं, जिसमे कोई बात होती है।
तेरा किया तुझपे ही आ जाए तो कैसा होगा। जो ज़ख्म तुने मुझे दिया, अगर वो तुझपे आ जाए तो कैसा होगा। हर बार मुकरती है न अपनी बात से, इस बार मैं मुकर जाउ तो कैसा होगा।
|| एक ख्वाब नींद में देखा था ,
उस ख्वाब में तुमको देखा था ,
झुलफो में उलझी बाली जब गालों में आके लगती है
तुम्हारे गालों पर वह धुप कुछ यूँ सुनहरी लगती है
पर... ||