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Posted On: 20-03-2021

Posted On: 19-03-2021

जो मिला उसे गुजारा ना हुआ । जो हमारा था हमारा ना हुआ । हम किसी और से मनसुब हुए क्या ये नुकसान तुम्हारा ना हुआ, खर्च होता रहा मोहबब्त में फिर भी इस दिल को खासारा ना हुआ, दोनों एक दूसरे पे मरते रहे कोई अल्हा को प्यारा ना हुआ । बेतकल्लुफ़ भी वो हो सकते थे हमसे ही कोई इशारा ना हुआ.….... ❤️ शुभ रात्रि❤️

Posted On: 19-03-2021

जो मिला उसे गुजारा ना हुआ । जो हमारा था हमारा ना हुआ । हम किसी और से मनसुब हुए क्या ये नुकसान तुम्हारा ना हुआ, खर्च होता रहा मोहबब्त में फिर भी इस दिल को खासारा ना हुआ, दोनों एक दूसरे पे मरते रहे कोई अल्हा को प्यारा ना हुआ । बेतकल्लुफ़ भी वो हो सकते थे हमसे ही कोई इशारा ना हुआ.….... ❤️ शुभ रात्रि❤️

Posted On: 19-03-2021

दिल ने ये कहा है दिल से । लॉकडाउन लागेगा क्या फिर से।😃

Posted On: 19-03-2021

फूलों की याद आती है काँटों को छूने पर रिश्तों की समझ आती है फासलों पे रहने पर कुछ जज़्बात ऐसे भी होते हैं जो 😢आँखों से बयां नहीं होते वो तो महसूस होते हैं ज़ुबान से कहने पर। 💔 😢

ज़ख़्म इतने गहरे हैं इज़हार क्या करें, हम खुद निशाना बन गए वार क्या करें, मर गए हम मगर खुली रही ये आँखें, इससे ज्यादा उनका इंतज़ार क्या करें।

Posted On: 19-03-2021

नाम छोटा है मगर✋ दिल❤ बङा रखता 😎हु पैसो💵 से ऊतना अमीर नही😔 हु, मगर✋ अपने दोस्तों👬 के गम खरीद ने की हैसियत रखता😎 हु ...😘

Posted On: 19-03-2021

*तारीफ़ की चाहत तो नाकाम लोगों की फितरत है* *काबिल लोगों के तो दुश्मन भी कायल होते हैं !!*

Posted On: 19-03-2021

निकले हैं वो लोग मेरी शख़्सियत बिगाड़ने! किरदार जिनके खुद मरम्मत माँग रहे हैं! #शुभप्रभात 💞

Posted On: 18-03-2021

तुम्हारे पास चुप रहने को बहुत कुछ है और मेरे पास कहने को। मैं चुप हूं और तुम बोले जा रहे हो। मेरी ज़ुबान चिकनी बातों पर नहीं फिसलती।

Posted On: 18-03-2021

भूल जाता हूं अकसर कि तुम मुझे भूल गए हो

Posted On: 18-03-2021

धूप मेरे सर पर है मंजिल तुम्हारे पास है मसला मेरा है लेकिन हल तुम्हारे पास है बादल बनकर मैं आज आसमां पर छा गया जिससे मैं बादल बना वो जल तुम्हारे पास है......

Posted On: 18-03-2021

🙏🇮🇳“जो किए ही नहीं कभी मैंने, वो भी वादे निभा रहा हूँ मैं ! मुझसे फिर बात कर रही है वो, फिर से बातों में आ रहा हूँ मैं..!”😳😂

Posted On: 18-03-2021

जीवन की सबसे महंगी वस्तु है आपका वर्तमान, जो एक बार चला जाए तो फिर पूरी दुनिया कि संपत्ति से भी हम उसे खरीद नहीं सकते। शुभ संध्या

जीने का मन नहीं करता , मैं मौत को एक बार लिखूं , मन करता है खून पिला कर कलम से अंगार लिखूँ , अपने ही खून से मैं , अपनी समस्याओं को तमाम लिखूं , अपने अल्फाजों में , दो चार शब्द हर रोज लिखू , शरीर के हर जख्म मे अपनो का व्यापार लिखू , इस जख्म भारे शरीर को , अंग का तार तार लिखू , किस्मत को हम क्यू कोशु, अपना हि मैं सार लिखू , फिर से अपनी बर्बादी के मातम को इक बार लिखूँ , बहुत परेशान हू ज़िन्दगी से मौत को अपना हार लिखू , अपने अल्फाजों से मैं , अपने दोस्तों का प्यार लिखू, इतने मुश्किल जीवन में उम्मीदों का व्यापार लिखूँ , अपनी चलती सॉसो के पीछे मॉ बाप का प्यार लिखू , हर चीख समेट शब्दों में पीड़ा को इस बार लिखूँ , बहुत परेशान हूं जिंदगी से , मौत को अपने यार लिखू, इन शब्दो के कल्प-पुष्प से अपना अंतिम हार लिखू, उठा के अपना शीश गगन से अपने ज़िन्दगी का सार लिखू , मैं भाई का छोटा भाई पन्नों में इतिहास लिखू....✍️ ~भाई का छोटा भाई