Zindagi mein kya kamaya hai
Jo bhi hai sab yaadon ko sarmaya hai
Words for every feeling
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A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.
Karodon ko kha gayi
Ye zameen
Adami uski khuraak hai
Issi mein meri kahani
likhi hai
Issi mein mere jeevan
ki raakh hai
Mujhe dozakh se na darao
Aye logo
Maine duniya dekhi hai aur
Duniya se badi dozakh koi
ho hi nahi sakti
Khuda ka shukra hai kabhi
Allah se kuch nahi manga
Na hi kisi cheez ki ummeed
Rakhi
वक़्त की लहरे है जिंदगी का ज़हाज़ हैं
जो आज कल था वो कल आज है....✍️
~भाई का छोटा भाई
Kisi ne khub kaha hai
aye kaafiro
Ke shayar jahaannumi
hote hai
Iss liye nahi ke unka
damaag kharaab hota hai
Iss liye ke unka dil sachcha
aur saaf hota hai
FAKEERA THE GREAT
FAKIR BADSHAH SAAB
नंदकिशोर अरविंद ढेकणे
माझी स्वलिखित व स्वरचित कविता
विषय : आई
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अजूनही मला माझ्या आईच्या हातचे जेवण आवडते
जेव्हा ती आपल्या हाताने तुम्हाला वाढते
तिच्या हातची आमटी व पोळी काय काय म्हणून सांगू
तिच्या हातची चवच किती सुरेख काय काय म्हणून सांगू
तिच्या हाताला किती सुरेख चव ती चव मला आवडते
जेव्हा ती आपल्या हाताने तुम्हाला वाढते
तिच्या हातची ती गरमा गरम पुरणाची पोळी
तीच कटाची आमटी अन बटाट्याची भाजीची ती थाळी
तिच्या हाताला किती सुरेख चव ती चव मला आवडते
जेव्हा ती आपल्या हाताने तुम्हाला वाढते
तिची ती फोडणीची पोळी अन तो चविष्ट उपमा
तोच चविष्ट सांजा अन तोच गरमा गरम उपमा
त्या उपम्याची चव मला रोज रोज आठवते
जेव्हा ती आपल्या हाताने तुम्हाला वाढते
असतो आम्ही भुकेले तेव्हा ती स्वयंपाक घरात जाते
तुमच्यासाठी चविष्ट जेवण जेव्हा ती स्वतःच्या हाताने बनवते
तिच्या हाताची ती चविष्ट चव मला अजूनही आठवते
जेव्हा ती आपल्या हाताने तुम्हाला…
बात जो मन में है वो शब्दों में ढाल देता हूं ,
कभी कभी मैं अपनी रूह को पन्नों में उतार देता हूं....✍️
~भाई का छोटा भाई
बैठे हैं दिल में अरमां जगाये...
कि वो आज नजरों से हमें अपनी पीलाये...
मजा तो तब ही पीने का यारों...
इधर हम पिये और नशा उसको हो जाये...
Woh dharm mazhab hi kya
Jinka dharm chinh hi hatiyar hoga
Wahan phir nafrat hi nafrat hogi
Wahan phir kahan pyar hoga
FAKEERA THE GREAT
FAKIR BADSHAH SAAB
सून गेले खूप दूर
मनात माझ्या विचारांचे उठले काहूर
जेव्हा सगळे माझ्यापासून गेले खूप दूर
दर्द सा होता है
ये प्यार ......
जब होता है, तो उतरता नहीं इसका खुमार ।।
___ Rk suryavanshi
साहब वो बात की कोई वजह नहीं है ,
थक गया हूं मैं फालतू की बातें सुनते सुनते ,
अब यह बात सुनने की मेरे में जगह नहीं है....✍
~भाई का छोटा भाई
Baat kadvi hai
Magar sach hai
Aaj musalma khud
Musalman par aitbar
Nahi karta
ज़िन्दगी की हकीकत को बस इतना ही जाना है ,
दर्द में अकेले और खुशियों में सारा जमाना है....✍️
~भाई का छोटा भाई
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