ज़िन्दगी मज़ाक नहीं है दोस्तों
ज़िन्दगी मैदान ए जंग है
एक तरफ खाई है
एक तरफ आग का दरिया
बीच में रास्ता बड़ा तंग है
ज़िन्दगी मैदान ए जंग है
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
Words for every feeling
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A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.
ना जाने कौन
किसकी अकड़ में है
मौत ज़िन्दगी की जकड़ में है
या ज़िन्दगी मौत की पकड़ में है
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
तुझ में जो मीठास हैं
वोह मिठास किसी रस में नहीं
तुझे भूल जाऊ मै
ये मेरे बस में नहीं
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
Kisi Ko Roj Milne Se
Love Ho Ya Na Ho
Lekin,
Kisi Se Roj Baat Karne
Se Uski Aadat Zaroor
Ho Jati Hai...!!!?
O DILA DI GAL KRDA JMANA E,
LOK CHERA DEKH AJJ V PYAR KARDE,
FAKE THOUGHT FAKE LIFESTYLE E,
JEHRE MOONH TON MITHE PITH UTTE VAAR KRDE.... m@ngat kataniwala:)
MANGAT SEYA...IK GAL APNE JEHAN CH RAKHI
K HAR KOI NI KALAM DA MUREED HUNDA,
MONEY-MINDED TU LAKH HO JA PUTT
PAR PAISE NAAL HUNAR NI KHAREED HUNDA..... m@angat kataniwala
उनको मेरे हाल पर
हैरत हो गई थी
मै समझ बैठा था
उनको मुहोबबत
हो गई थी
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
तुम्हारी तस्वीर जैसी
तस्वीर नहीं देखी
मेरी ज़िन्दगी में तुम आ गए
मेरी तकदीर जैसी
तकदीर नहीं देखी
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
कौन अच्छा है
कौन बुरा है
ये तो ख़ुदा जाने
मेरा दिल तो
सब को ही भला मैने
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
हम खुद के नहीं हो सके
और ज़िद
दुनियां को
अपना बनाने की थी
समाज में दहशत फ़ैली हैं
और फ़ैला हुआ है डर
अब सब को लौट कर आना होगा
अपने अपने घर
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
सब धनवान अगर
दिलदार हो जाए
तो ये बे-रहेम दुनिया
गुलो गुलज़ार हो जाए
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
दर्द काग़ज़ पर उतार कर देखो ज़रा
दिल बहोत हल्का हल्का हो जाएगा
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
या रब मेरे मुझे तू
बादशाह ए फ़कीर बना दे
मै जिसको भी दुआ दूं
उसकी तू तकदीर बना दे
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
मैंने तुझे बच्चे की तरह पाला है
मेरा बाप मत बन जाना
मुझे डस कर सांप मत बन जाना
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
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