तेरे रंग में ऐसे रंगीन हो गए हैं हम, कि तेरे बिना जिंदगी के रंग फीके लगेंगे।
हम भी कुछ प्यार के गीत गाने लगे हैं, जब से ख़्वाबों में मेरे वो आने लगे हैं।
उसके लिये तो मैंने यहाँ तक दुआएं की है, कि कोई उसे चाहे भी तो बस मेरी तरह चाहे।
तेरे शहर में आ कर बेनाम से हो गए, तेरी चाहत में अपनी मुस्कान ही खो गए, जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे, कि जैसे तेरी आशिक़ी के गुलाम ही हो गए।
क्यूँ किसी से इतना प्यार हो जाता है, एक दिन का भी इंतजार दुश्वार हो जाता है, लगने लगते है अपने भी पराए, जब एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है।
दीवारो-दर से उतर के परछाइयाँ बोलती हैं कोई नहीं बोलता जब तन्हाइयाँ बोलती हैं। सुनने की मुहलत मिले तो आवाज़ है पत्थरों में उजड़ी हुई बस्तियों में आबादियाँ बोलती हैं।
कैसे कह दूँ की सरकार गुनाहगार नहीं है...क़ातिल है मगर हाथों मे तलवार नहीं है कितने घरों के चिराग बुझ गये एक पल में...ऐसे जुर्म पे भी हुकूमत शर्मसार नहीं है।
पत्नी:- तुम मुझसे कितना प्यार करते हो ? पति:- 72% पत्नी:- 100% क्यों नही?? पति:- 28% तो GST है ना पगली,
इन आंखो मे आंसू आये न होते, अगर वो पीछे मुडकर मुस्कुराये न होते, उनके जाने के बाद बस यही गम रहेगा, कि काश वो हमारी ज़िन्दगी मे आये न होते
वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का, अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती।
मज़बूरी में जब कोई जुदा होता है, ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है, देकर वो आपकी आँखों में आँसू, अकेले में वो आपसे ज्यादा रोता है.
भीड़ भाड़ को छोड़ आए हैं बस तन्हाई भाई है. वहां बहुत बेचैनी भोगी यहां खुमारी छाई है. वो सवाल अब यहां नहीं हैं जिनके उत्तर मुश्किल थे. जितनी हमने इच्छा की थी उतनी राहत पाई है.
दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं शायद वक़्त बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं मेरी गली से गुज़रते हैं छुपा के खंजर रु-ब-रु होने पर सलाम किया करते हैं.
किसी के दिल पे क्या गुजरी हे वो अनजान क्या जाने, प्यार किसको कहते हे वो नादान क्या जाने, हवा के साथ उठा ले गया घर का परिंदा, केसे बना था ये घोसला वो तूफान क्या जाने.
Bharat Mata Teri Gatha, Sabse Unchi Teri Shaan, Tere Age Sheesh Jhukaye, De Tujhko Hum Sab Samman!
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