मेरा जीवन एक खुला किताब है |
हर कोई जानने को रहता बेताब है |
मेरे जीवन से प्रेरणा हैं सब लेते |
मान सम्मान मुझे हैं देते |
Words for every feeling
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A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.
मंजिल दूर नहीं
मंजिल दूर नहीं कोशिश तो करके देख
जिंदगी मिली है भीख नहीं जीकर तो देख
खुद को कमजोर समझेगा कब तक गुरुर करके तो देख
सब से आगे खुद को ही समझेगा भरोसा करके तो देख।
शिवकुमार बर्मन ✍️
Saree zindagee hum koshish karty rahay. Toba ka sajada karnasky. Zindgee yuhee guzarti gayee gunahu mai yuhee uljatee gayee
मौत को तो यूही बदनाम करते ह लोग..
तकलीफ तो जिंदगी देती है।
kisee ka saral svabhaav usakee kamajoree nahin
balki usake maan baap ke die hue sanskaar hote hai
किसी का सरल स्वभाव उसकी कामजोरी नहीं
बल्की उसकी माँ बाप के दिय हुए संस्कार होते हैं

" Ae Zindagi "
Yu to samajh hi Gaya tha tujhko Ae Zindagi
Fir bhi kyu Roz kuch naya Sikha Jaati hai Mujhko
Baatein Kuch Nayi Bta Jaati Hai mujhko
Yun to milaya Kitne hi Apno logo se tune
Par kitne hi Apno ko paraya Bana Jaati hai har roz
Yun to jiye hum tujhko Jee Bhar ke Ae Zindagi
Fir bhi ek khaalipan sa mehsoos Kara Jaati hai roz
Khwaishe bhi di hai mujhko hazaar tune
Khwaishe bhi di hai mujhko hazaar tune
Par adhuri khwaisho ka dard bi de jaati hai har roz
Jaane kuch kitna sikha jaati hai roz
Baatein kuch nayi bta Jaati hai roz

✍️....मेरे अल्फ़ाज़?
धूप में तपता कभी न थकता
ठंड में ठिठुरता कभी न गिरता,
बारिश में भीगता कभी न हारता,
वो एक इंसान हूँ मै...
हर भावनाओं को मार के मन मैं,
निरंतर खड़ा रहा रहता हूं मैं,
अपनी खुशियों के पलों को ,
सीने में दफ्न कर डिगा हूं ।मैं
वो एक इंसान हूँ मै...
काम आ गया तो अच्छा हूँ मैं
काम न आया तो बुरा हूं मैं,
नज़रो में चढ़ा तो कभी उतरा हूँ मै,
वो एक इंसान हूँ मैं...
कोई घर की भड़ास निकाले,
कोई मन की भड़ास निकाले,
फिर अपने जगह पर खड़ा हूँ मै..
वो एक इंसान हूँ मै...
क्या दिन और क्या पहर हर
हालात से लड़ता हूँ मै..
कभी खुशी तो कभी तपन
हर पहलुओं से गुज़रा हूँ मैं...
वो एक इंसान हूँ मै...
दफन कर ख्वाहिशो को सीने में
नित्य दिन फ़र्ज़ निभाता हूँ मैं
बिना गलती के कर्ज चुकाता हूँ मै…
Meri zindagi ke har ek kisse ko
Aaj kitab samjh ke padh rahe hai woh ..
ये चेहरे की हकीकत
दुनिया कहां जानती है ,
मैं कल रात से कितना परेशान हूँ
ये बात सिर्फ मां जानती है...✍️
~~भाई का छोटा भाई~
एक हाथी एक राजा एक रानी के बगैर ,
नींद मुझे नहीं आती मां की कहानी के बगैर....✍
~भाई का छोटा भाई
जो बातें पी गया था मैं ,
वो बातें खा गई मुझको...✍️
~भाई का छोटा भाई
मैं खुद ही कर रहा हूं अपनी तलाश ,
यह देख लो मैं हूं जिंदा लाश....✍️
~~भाई का छोटा भाई~
??
जीने के आरजू में मरे जा रहे है लोग,
और मरने के आरजू में जिया जा रहा हु मेै.... ✍️
~~भाई का छोटा भाई~
ये सर्दी भी न कितना सितम कर रही हैं ,
एक जख्म जिंदिगी का और ऊपर से हवा चल रही है....✍️
~~भाई का छोटा भाई~
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