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Sad Shayari

A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.

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452 piecesLatest published writing · Page 8
Sad Shayari
ki Mai nai maniya ossai bohat os bheed Mai Thai os k chahane wale bohat os bheed Mai tha kambhakt bs Mai he succhai Dil sai ossai chahane wala, phir b na Jane ossai Woh Ku passand Aaye is bheed mai
Shayari by Mousin
Sad Shayari
? बहुत फर्क है उसमे और मुझ में, वो मेरे प्यार को मजाक समझती है और में उसके मज़ाक को प्यार समझता हूं ?
Shayari by Sahil
Sad Shayari
क्या करोगे तुम इस झूठी मुस्कान का जब अंदर खुद को तन्हा पाओगे. क्या करोगे तुम इस दिल का जब पहले से इसे टूटा पाओगे. क्या करोगे दीपक की रौशनी का जब जीवन में अन्धकार पाओगे. क्या करोगे इतनी दौलत का जब खुद को कब्र में पाओगे. आखिर करोगे क्या तुम जब लोगो को तुम पर हस्ता हुआ पाओगे.
Sad Shayari
"दिनभर तुम याद आती हो"॥ "हर तरफ तुम -ही-तुम नज़र आती हो"॥ "करते हुए तुम्हे याद मेरी आंखें भर आती है"॥ "फिर अचानक तुम्हारी तस्वीर मेरी आंखों के सामने आ जाती है"॥
Shayari by Divyansh
Sad Shayari
अक्सर निकल जाता हूं रातों में, उन पुरानी गलियों में, उस खाली मकान को देखने।
Sad Shayari
दुनिया को छोड़कर एक तुझे ही वे वजह अपनाया । फिर भी मैं तुझे सस्ता लगूं तो मैंने क्या पाया ।।
Sad Shayari
मुर्दे की खामोशी कुछ ऐसी है जब रूह ने ही साथ छोड़ दिया तो अपनों से ये शिकायत कैसी है ।
Sad Shayari
मुफ्त में मिलने मोहब्बत को कैसा पाकर खोना था जब मैं उसका कभी था ही नहीं तो फिर किस बात का रोना था । शायद मजबूरी ही शामिल थी उसकी तबीयत बदलने में मेरा क्या है वो आबाद रहे मुझे तो यूं ही मज़ा आता है अब तन्हा गुजरने में ।।
Sad Shayari
वह मुझसे बिछड़कर जमाने भर के लोगों सा जा मिला । उसे उस जैसे तो बहुत मिले पर मुझसा कोई न मिला ।।
Sad Shayari
कुछ बिखर से गये कुछ टूट से गये वो सपने ही तो थे जो मेरी हाथों की लकीरों से कुछ छूट से गये ।।
Sad Shayari
तेरा अहसास मुझे कभी तन्हा होने नहीं देता मेरा जख्म भी कैसा अजीब है दर्द तो होता है मगर किसी को दिखाई नहीं देता ।।
Sad Shayari
अब तो मुलाकात भी हमसे यूं खफा हो जाती । मैं उसके शहर नहीं जाता और वो मेरे शहर नहीं आती ।।
Sad Shayari
फूल भी अब तो तेरे स्वागत में खिल उठे यह बहार भी देख सुहानी आयी । बस मेरी तकदीर ही तो मुझसे रूठी थी पर तू क्यूं न मिलने पगली मुझसे वापस आयी ।।

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