ki Mai nai maniya ossai bohat os bheed Mai Thai os k chahane wale bohat os bheed Mai tha kambhakt bs Mai he succhai Dil sai ossai chahane wala, phir b na Jane ossai Woh Ku passand Aaye is bheed mai
? बहुत फर्क है उसमे और मुझ में, वो मेरे प्यार को मजाक समझती है और में उसके मज़ाक को प्यार समझता हूं ?
क्या करोगे तुम इस झूठी मुस्कान का जब अंदर खुद को तन्हा पाओगे. क्या करोगे तुम इस दिल का जब पहले से इसे टूटा पाओगे. क्या करोगे दीपक की रौशनी का जब जीवन में अन्धकार पाओगे. क्या करोगे इतनी दौलत का जब खुद को कब्र में पाओगे. आखिर करोगे क्या तुम जब लोगो को तुम पर हस्ता हुआ पाओगे.
Dusman jal rhe hai ? ki dusman jal rhe hai fir bhi ham chal rhe hai?????
"दिनभर तुम याद आती हो"॥ "हर तरफ तुम -ही-तुम नज़र आती हो"॥ "करते हुए तुम्हे याद मेरी आंखें भर आती है"॥ "फिर अचानक तुम्हारी तस्वीर मेरी आंखों के सामने आ जाती है"॥
Ye maut, ye kabr, ye janaaze, Sirf Baatein hain mere dost . Warna Mar to insaan tabhi jata hai jab use koi yaad krne wala na ho....?
अक्सर निकल जाता हूं रातों में, उन पुरानी गलियों में, उस खाली मकान को देखने।
दुनिया को छोड़कर एक तुझे ही वे वजह अपनाया । फिर भी मैं तुझे सस्ता लगूं तो मैंने क्या पाया ।।
मुर्दे की खामोशी कुछ ऐसी है जब रूह ने ही साथ छोड़ दिया तो अपनों से ये शिकायत कैसी है ।
मुफ्त में मिलने मोहब्बत को कैसा पाकर खोना था जब मैं उसका कभी था ही नहीं तो फिर किस बात का रोना था । शायद मजबूरी ही शामिल थी उसकी तबीयत बदलने में मेरा क्या है वो आबाद रहे मुझे तो यूं ही मज़ा आता है अब तन्हा गुजरने में ।।
वह मुझसे बिछड़कर जमाने भर के लोगों सा जा मिला । उसे उस जैसे तो बहुत मिले पर मुझसा कोई न मिला ।।
कुछ बिखर से गये कुछ टूट से गये वो सपने ही तो थे जो मेरी हाथों की लकीरों से कुछ छूट से गये ।।
तेरा अहसास मुझे कभी तन्हा होने नहीं देता मेरा जख्म भी कैसा अजीब है दर्द तो होता है मगर किसी को दिखाई नहीं देता ।।
अब तो मुलाकात भी हमसे यूं खफा हो जाती । मैं उसके शहर नहीं जाता और वो मेरे शहर नहीं आती ।।
फूल भी अब तो तेरे स्वागत में खिल उठे यह बहार भी देख सुहानी आयी । बस मेरी तकदीर ही तो मुझसे रूठी थी पर तू क्यूं न मिलने पगली मुझसे वापस आयी ।।
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