ki Mai nai maniya ossai bohat os bheed Mai
Thai os k chahane wale bohat os bheed Mai
tha kambhakt bs Mai he succhai Dil sai ossai chahane wala,
phir b na Jane ossai Woh Ku passand Aaye is bheed mai
क्या करोगे तुम इस झूठी मुस्कान का
जब अंदर खुद को तन्हा पाओगे.
क्या करोगे तुम इस दिल का
जब पहले से इसे टूटा पाओगे.
क्या करोगे दीपक की रौशनी का
जब जीवन में अन्धकार पाओगे.
क्या करोगे इतनी दौलत का
जब खुद को कब्र में पाओगे.
आखिर करोगे क्या तुम
जब लोगो को तुम पर हस्ता हुआ पाओगे.
मुफ्त में मिलने मोहब्बत को कैसा पाकर खोना था
जब मैं उसका कभी था ही नहीं तो फिर किस बात का रोना था ।
शायद मजबूरी ही शामिल थी उसकी तबीयत बदलने में
मेरा क्या है वो आबाद रहे मुझे तो यूं ही मज़ा आता है अब तन्हा गुजरने में ।।