Sad Shayari

Posted On: 01-12-2019

kaise jeeyenge iss sansaar mein hum narri re mere desh jaha jagh jagh par ho rahe hum ladkiyon ke rapes

Posted On: 20-10-2019

Muskurahat ke peechhe ka raaz tum ho, jo padhti hu roz woh nwaaz tum ho, gungunati hu jo main khud likh kar, uske peechhe ki jaan meri awaaz tum ho.....

Posted On: 07-10-2019

सुबह की किरण अक्स-ए-मोहब्बत है, खामोश रातोंपे तन्हाइयों का नूर है ! तेरी मिज़ाज़-ए-मुस्कराहट, मेरे होटों पे मयस्सर है ! वीरा...!! जिन्दा होने की क्या यही निशानी है?? पंछियो की गुफ्तगू में नवाज़िशें है, बादलों के साथ बूंदों की सरगम भी है! तेरी पाकीजा पायलों की छनछन, एक उल्फत सी मेरे रूह में गुनगुनाती है! वीरा..!! जिन्दा होने की क्या यही निशानी है?? साथ मेरे खुद की परछाई है, सिगरेट्स के कश का धुँआ भी है! तवस्सुर तेरी नरगिस आँखों का, ज़ीनत-ए-नशा मुझ पे सवार है! वीरा...!! मेरे जिन्दा होने की क्या यही निशानी है?? कसमे-वादे-दोस्ती-रिश्ते, जूनून-ए-शिद्दत आज भी है! तेरी मोहब्बत की रूहानियत पे, घायल ये फ़क़ीर आज भी है! मजबूर सा, मसरूफ सा, एक क़तरा सा है!! वीरा...!! ज़िंदा है!! .... पर, मेरे वजूद का कोई निशान नहीं है....!!!!! *©veeraajlumbinisushant* अक्स - Reflection मिज़ाज़ - mood मयस्सर- available गुफ्तगू - chitchat नवाज़िश - kindness पाकीजा - pure उल्फत - love रूह - soul तसव्वुर - imagination ज़ीनत - decoration शिद्दत - intensity रूहानियत - soulfulness मसरूफ - busy

Posted On: 27-09-2019

Baithe the Yun tanha is kadar.... Ki log aaye Milne... Aur Alwida kr bol Gaye...

Posted On: 20-09-2019

ଜୀବନ ରେ ଆଉ ଦେଖା ବି ହବନି ଏଇ ଆମ ଶେଷ ଦେଖା ଶେଷ କଥା କିଛି କହିବାର ଥିଲା ବଞ୍ଚିବାକୁ ନାହିଁ ଆଶା © ଜୀବନ ଜ୍ୟୋତି ପଣ୍ଡା

Posted On: 19-09-2019

महेनत करते रहो, एक दिन अपने भी साथ नही होते ।। और किस्मत की बात करते हो किस्मत तो उनकी भी होती हैं जिनके हाथ नहीं होते ।।

Posted On: 11-09-2019

ମେଘ କୁ ମାଗିଲି ବରଷା ଟିକିଏ ତୁମକୁ ମାଗିଲି ମନ ମେଘ ଢାଳି ଦେଲା ବରଷା ଅସରା ଃହେଲେ ତୁମେ ଦେଲ୍ ନାହିଁ ମନ। ©ଜୀବନ ଜ୍ୟୋତି ପଣ୍ଡା

Posted On: 11-09-2019

ମେଘ କୁ ମାଗିଲି ବରଷା ଟିକିଏ ତୁମକୁ ମାଗିଲି ମନ ମେଘ ଢାଳି ଦେଲା ବରଷା ଅସରା ଃହେଲେ ତୁମେ ଦେଲ୍ ନାହିଁ ମନ

Posted On: 11-09-2019

ଜଳି ଜଳି ଲିଭାଇବାକୁ ବସିଲାଣି ଆଜି କେତେ ଆଉ ମୋତେ ଜଳିବ ନିଜେ ଥରେ ଜଳି ଦେଖି ଯନ୍ତ୍ରଣା କେତେ ଜାଣିବ ®ଜୀବନ ଜ୍ୟୋତି ପଣ୍ଡା

Posted On: 31-08-2019

Na Saath Hai Kisi Ka Na Sahara hai koi Na ham hai Kisi ke Na hamara hai koi Arsh kalam

Posted On: 23-08-2019

Aaj Hi Sab Batana Chahta Hoon Kya Pta Kal Ho Na Ho! Pehli Dafa Tution gya tha Kaafi Rota Tha Yaar Mai Dadi Ke Pallu Ko Chorta Hi Nhi Tha Madam Se kaafi Darta Tha yaar Mai Bachpan Ki Sharartein Dikhana Chahta Hoon Kya Pta Kal Ho Na Ho! Abbu Bahut Naaraz Rehte The Mujhse Mai School Jane Ke Liye Behad Rota Tha Tution Padne Na Jana Pade Isliye Bahut Dher Tak Sota Tha Achanak Ek Din Abbu ka gussa na Qaabil e Bardast Hogya Aur unhone mujhse rickshaw se uthakar patak diya woh saari kahani Sunana Chahta Hoon Kya pta Kal Ho Na Ho! Bahut Haseen aur Rangeen Zindagi banayi Hai Meri Yeh Sab Mumkin Hua Ha Sath Se Teri Bahut Khushnaseeb Hu Mai Ki Asie Dost Mile Hai Sach Kahu Tou Banjar Zameen Par Bhi Phool Khile Hai I Love you yaaron yeh baatein unko kehna chahta Hoon! Kya Pta Kal Ho Na Ho!

Posted On: 07-08-2019

मैले गरेको माया तिमीलाई झुटो सरि लाग्दो रहेछ। माया के हो धोखा पाएकोले पो बुझने रहेछ।

Posted On: 07-08-2019

जिंदगीमा पाउने हरेक सपनी तिमीलाई सम्झनेछु रमाईला ती पलहरुलाई काखी च्यापी सम्भाल्नेछु येदि सकिन भने मलाई माफ़ गर्नु जीवनको हार पल तिम्रै निम्ति अर्पण गरिदिने छु

Posted On: 24-07-2019

Kalam se kuj lafaz naraz hai Kehtee hai abh tera b imaan bekh geya hai WRITER Gopi sidhu

Posted On: 24-07-2019

Zindgi ki kitaab main Nafrat k libaas main Kantoo ne kuj phool chupaye hai Mausam k shabbab main WRITER GOPI SIDHU