Best Quotes in Hindi

खुद कमाने लगे तो शौक खुद ही कम हो गए , पापा कमाते थे तो जहाज़ भी लेने का मन करता था....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

मातृभाषा है अपनी हिन्दी, हिंदी को अपने व्यवहार में लाएं , विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

सुबह होती है भाभी लेकिन नहीं होती शाम है, आपको क्या लगता है मोबाइल चलाने के आलावा मेरे पास और कोई नहीं काम है....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

एक चाय दो कप में बांट कर , मैं अकेला खुश नही हू , इस तरह जिंदगी काट कर....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

समय नहीं मिलता करने के लिए घर में बात , सुबह के बाद सीधे हो जाती है रात....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

चंद चुस्कियों में नहीं हौसलों में जिंदगी जियो , मेरे साथ चाय नहीं शराब बैठकर पियो सचिन....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

मेरी खामोशी ही गंवाह इस बात की कि मेरी जिंदगी में तेरी जगह और कोई नहीं ले सकता।।

साहब थोड़ा सुनो मेरी बात अब मैं जा रहा हूँ , सुनो दोस्तों मैं सपनो का शहर रीवा आ रहा हूं..... ✍️ ~भाई का छोटा भाई

जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा , जो चल रहा है उसके पाँव में छाला होगा , बिना संघर्ष के इन्सान चमक नहीं सकता यारों , जो जलेगा उसी दिये में तो उजाला होगा…✍️ ~भाई का छोटा भाई

Suna hai Kuch kehna Chahta hai To ye bta mere sath rehna Chahta hai Chod doga mohabbat kal se Ab bta MERI BAAT pr yaqeen ATA hai Dilshad saifi

MERI khuwahishe sab khtam ho rhi hai MERI sanse ab Kuch Kam ho rhi hai JAANE kese katega ye mushkilo Ka Safar MERI Zindagi ab berang ho rhi hai Dilshad saifi

पंछी बनु उड़ता फिरू मस्त गगन में, आज मुझे रोके न कोई इस चमन में!

भोर भयो, बिन शोर, मन मोर, भयो विभोर, रग-रग है रंगा, नीला भूरा श्याम सुहाना, मनमोहक, मोर निराला। रंग है, पर राग नहीं, विराग का विश्वास यही, न चाह, न वाह, न आह, गूँजे घर-घर आज भी गान, जिये तो मुरली के साथ जाये तो मुरलीधर के ताज। जीवात्मा ही शिवात्मा, अंतर्मन की अनंत धारा मन मंदिर में उजियारा सारा, बिन वाद-विवाद, संवाद बिन सुर-स्वर, संदेश मोर चहकता मौन महकता।

Ai Maut Unhein Bhulaye Huye Zamane Gujar Gaye, Aa Ja Ke Zeher Khaye Huye Zamane Gujar Gaye, O Jaane Wale Aa Ke Tere Intezaar Mein, Raste Ko Ghar Banaye Zamane Gujar Gaye.

मेरे इश्क़ के चर्चे बहुत होंगे पर अफ़सोस तेरा जिक्र न होगा। हम होंगे तन्हाइयों में पर तुझे खोने का कोई गम न होगा। तू बेशक़ होगी हूर ज़माने की पर तेरे नसीब में फिर कोई महफ़िल न होगा। हम तो यू ही खमोश होंगे ज़नाज़े पर पर ज़माने में रौशन हमारा इश्क़ होगा।।