Best Quotes in Hindi

साहब थोड़ा सुनो मेरी बात अब मैं जा रहा हूँ , सुनो दोस्तों मैं सपनो का शहर रीवा आ रहा हूं..... ✍️ ~भाई का छोटा भाई

जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा , जो चल रहा है उसके पाँव में छाला होगा , बिना संघर्ष के इन्सान चमक नहीं सकता यारों , जो जलेगा उसी दिये में तो उजाला होगा…✍️ ~भाई का छोटा भाई

Suna hai Kuch kehna Chahta hai To ye bta mere sath rehna Chahta hai Chod doga mohabbat kal se Ab bta MERI BAAT pr yaqeen ATA hai Dilshad saifi

MERI khuwahishe sab khtam ho rhi hai MERI sanse ab Kuch Kam ho rhi hai JAANE kese katega ye mushkilo Ka Safar MERI Zindagi ab berang ho rhi hai Dilshad saifi

पंछी बनु उड़ता फिरू मस्त गगन में, आज मुझे रोके न कोई इस चमन में!

भोर भयो, बिन शोर, मन मोर, भयो विभोर, रग-रग है रंगा, नीला भूरा श्याम सुहाना, मनमोहक, मोर निराला। रंग है, पर राग नहीं, विराग का विश्वास यही, न चाह, न वाह, न आह, गूँजे घर-घर आज भी गान, जिये तो मुरली के साथ जाये तो मुरलीधर के ताज। जीवात्मा ही शिवात्मा, अंतर्मन की अनंत धारा मन मंदिर में उजियारा सारा, बिन वाद-विवाद, संवाद बिन सुर-स्वर, संदेश मोर चहकता मौन महकता।

Ai Maut Unhein Bhulaye Huye Zamane Gujar Gaye, Aa Ja Ke Zeher Khaye Huye Zamane Gujar Gaye, O Jaane Wale Aa Ke Tere Intezaar Mein, Raste Ko Ghar Banaye Zamane Gujar Gaye.

मेरे इश्क़ के चर्चे बहुत होंगे पर अफ़सोस तेरा जिक्र न होगा। हम होंगे तन्हाइयों में पर तुझे खोने का कोई गम न होगा। तू बेशक़ होगी हूर ज़माने की पर तेरे नसीब में फिर कोई महफ़िल न होगा। हम तो यू ही खमोश होंगे ज़नाज़े पर पर ज़माने में रौशन हमारा इश्क़ होगा।।

जंजीरों में जकड़ी हुई लफ्ज़-ए-सियाही को मिटा देना चाहती है आलम-ए आवाम फिर कहते हैं कि हिज्र-ए-बयानात का मौका नही मिलता || वो शायर |||

Dosti do sharir me rahnewali ek atma hai.

Aksar Achi Dosti Saste Mein Mill Jati Hai Aur Mahengi Dosti Matlabi Hoti Hai #HAPPY_FRIENDSHIP_DAY #SAGAR_R #BOXER🥊✍️

Ae dile naadan tu kar leta hai aitbaar sab par, Ye duniya teri hai par nahi bhi..!

ऐसे लोगों की इज्जत करें जो फुर्सत के लम्हों मैं आपसे बातें करते हैं, लेकिन ऐसे लोगों से प्यार करें जो फुर्सत निकालकर आपसे बातें करते हैं!

नज़र एक तुम पर ही रहि वर्ना नजारे लाख गुजरे है। इन आँखों के आगे से ••••••

MAA MAA WOH HOTHI HAI JO HAR BAATH SAMAJTHI HAI, WOH SAMAJTHI HAI ISILIYE HUMARI HAR GALTHI KO SUDHARTHI HAI, MAA WOH INSAAN HAI JO BHAGWAAN KA ROOP HOTHI HAI, MAA JABH APNE HAATHO SE KHILATHI HAI TOH HAR NIWALA BHOOK MITHATHA HAI, MAA JABH ROTHI HAI TOH HUMARI DUNIYA HIL JAATHI HAI, AUR JABH WOH HASTHI HAI HUMARI HAR TAKLEEF KHUSHI MEH BADAL JAATHI HAI, ZINDAGI KO KHUSHAL AUR ACHI MAA BANATI HAI, TOH MERE DOSTO MAA KI IZZAT KARO, KYUKI JIS DIN WOH NAH RAHI HUM NA RAHE. - DEEPESH JAIN