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6,861 piecesLatest published writing · Page 115
Dosti Shayari
झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने.......!!!
Dosti Shayari
सोचते है, अब हम भी सीख ले यारों बेरुखी करना, सबको मोहब्बत देते-देते, हमने अपनी कदर खो दी है......!!!
Dosti Shayari
मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे, दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे..........!!!
Dosti Shayari
तेरी वफ़ा के तकाजे बदल गये वरना, मुझे तो आज भी तुझसे अजीज कोई नहीं…..!!!
Dosti Shayari
लिखने ही लगा था, की खुश हूँ तेरे बगैर, आँसू, कलम उठाने से पहले ही गिर गए…....!!!
Dosti Shayari
झूठ बोलने का रियाज़ करता हूँ..... सुबह और शाम मैं, सच बोलने की अदा ने हमसे, कई अजीज़ 'यार' छीन लिये....….!!!
Dosti Shayari
मैने फल देख के इन्सानों को पहचाना है, जो बहुत मीठे हों अंदर से सड़े रहते हैं.........!!!
Dosti Shayari
अब ढूढ़ रहे है, वो मुझ को भूल जाने के तरीके, खफा हो कर उसकी मुश्किलें आसन कर दी मेने.......!!!
Dosti Shayari
क्यों गरीब समझते हैं हमें ये जहां वाले, हजारों दर्द की दौलत से मालामाल हैं हम…...!!!
Dosti Shayari
वो अच्छा है तो अच्छा है, वो बुरा है तो भी अच्छा है, दोस्ती के मिजाज़ में, यारों के ऐब नहीं देखे जाते.........!!!
Dosti Shayari
हम मतलबी नहीं की चाहने वालो को धोखा दे, बस हमें समझना हर किसी की बसकी बात नही........!!!

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