
Words for every feeling
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A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.

हिल रहा था पानी का #कलश
कीचड़ से सनी उसकी देह पर
भीगे आँचल से झलकते अंग
जैसे हमारी सभ्यता का शव हो!
कभी गाये थे उसने कलश की
पवित्र गरिमाओं के गीत
अँजुरी मे भर मंत्र की तरह,
और इन सभ्यताओं ने सुनी थी
ओस की टप टप को संगीत में
चमकते, गरजते, बरसते हुए
भीगी रातों में पानी की धज को!

घायल तो यहाँ हर एक
परिंदा है ,
मगर जो फिर से उड़ सका
वहीं ज़िन्दा है... :)
माली *प्रतिदिन* पौधों में पानी
देता हॆ।
मगर फल?सिर्फ
*मौसम* में ही आता हॆ।
इसीलिये जीवन में *धैर्य* रखें
प्रत्येक चीज अपने *समय* पर
होगी
प्रतिदिन *बेहतर* काम करें
समय पर फल जरुर मिलेगा ।
?????
*नेक लोगों की संगत से*
*हमेशा भलाई ही मिलती हे,*
*क्योंकि....*
*हवा जब फूलो से गुज़रती हे,*
*तो वो भी खुश्बुदार हो जाती हे.*
?*सुप्रभात*?
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जय श्री पितरेश्वर हनुमान ???


बाबा रामकुमार दास जी के साथ

संग्रामपुर से मोतिहारी छेका में सम्मिलित होते हुए 14/03/2021

Manoj yadav

चनरी श्री विष्णु महायज्ञ में सम्मिलित होते हुए

BJP pradesh adhyaksha sanjay jaiswal ji ke sath kuchh pal

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करम प्रधान विस्व करि राखा।
जो जस करई सो तस फलु चाखा।।
ईश्वर ने कर्म (Deed) को ही महानता दी है। उनका कहना है कि जो जैसा कर्म (Work) करता है उसको वैसा ही फल मिलता है।
II राधे राधे बोलना पड़ेगा II

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