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Latest Shayari

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6,861 piecesLatest published writing · Page 193
Anmol Vachan
हिल रहा था पानी का #कलश कीचड़ से सनी उसकी देह पर भीगे आँचल से झलकते अंग जैसे हमारी सभ्यता का शव हो! कभी गाये थे उसने कलश की पवित्र गरिमाओं के गीत अँजुरी मे भर मंत्र की तरह, और इन सभ्यताओं ने सुनी थी ओस की टप टप को संगीत में चमकते, गरजते, बरसते हुए भीगी रातों में पानी की धज को!
Shayari by Munna
Anmol Vachan
घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है , मगर जो फिर से उड़ सका वहीं ज़िन्दा है... :)
5 SEP Teachers Day Quotes
माली *प्रतिदिन* पौधों में पानी देता हॆ। मगर फल?सिर्फ *मौसम* में ही आता हॆ। इसीलिये जीवन में *धैर्य* रखें प्रत्येक चीज अपने *समय* पर होगी प्रतिदिन *बेहतर* काम करें समय पर फल जरुर मिलेगा । ????? *नेक लोगों की संगत से* *हमेशा भलाई ही मिलती हे,* *क्योंकि....* *हवा जब फूलो से गुज़रती हे,* *तो वो भी खुश्बुदार हो जाती हे.* ?*सुप्रभात*? ----------
Love Quotes
हमारा ये गाना यूट्यूब चैनल analog dhun bhojpuri पर मिलेगा भैया हो लाइक शेयर चैनल को सब्सक्राइब करके अपना प्यार दीजिए
Shayari by Mihilal
Anmol Vachan
करम प्रधान विस्व करि राखा। जो जस करई सो तस फलु चाखा।। ईश्वर ने कर्म (Deed) को ही महानता दी है। उनका कहना है कि जो जैसा कर्म (Work) करता है उसको वैसा ही फल मिलता है। II राधे राधे बोलना पड़ेगा II
Shayari by Munna

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