राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में 12 मार्च 1930 को संपूर्ण स्वाधीनता के लिए 'सविनय अवज्ञा' के नाम से एक आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
उस आंदोलन के पुनर्स्मरण हेतु आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के मार्गदर्शन में साबरमती आश्रम से 'पदयात्रा' प्रारंभ हुई है।
मेरा सौभाग्य है कि आज मैं भारत माता के महान सपूतों को .विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए 'आजादी का अमृत महोत्सव' से संबंधित कार्यक्रम के साथ जुड़ रहा हूं।
यह महोत्सव युवा पीढ़ी को स्वाधीनता आंदोलन का स्मरण कराते हुए उन्हें चुनौतियों से जूझने के लिए नई प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान करेगा।
"यह धरा कितनी बड़ी है ,एक तुम क्या एक मैं क्या ?
दृष्टि का विस्तार है यह ,अश्रु जो गिरने चला है ,
राम से सीता अलग हैं ,कृष्ण से राधा अलग हैं ,
नियति का हर न्याय सच्चा ,हर कलेवर में कला है..!"