ओ रात गमो कि रात थी, जिस रात रुखसत उनकी बारात थी।
उठ जाते है आज भी नींद से, की एक गैर कि बाहों में अपनी सारी कायनात थी।।
Words for every feeling
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A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.
पूरी दुनिया आशा लगाए तेरे तरफ ही देख रहा |
कि तू बदलेगा जीवन उनका पर तू थक के घुटने टेक रहा!!
सुन ! सुन मेरी एक बात, :-
जो तुझे महसूस अपने कांधे पर हो रही पीड़ा है|
यह पीड़ा नहीं असंख्य लोगों के जीवन बदलने की बीड़ा है||
क्या अभी भी तू कहेगा कि तू थका है |
मैंने तेरे अंदर हमेशा एक जलता ज्वाला देखा जो ना रुका था और ना रुका है||
यह आसमा यह धरती यह हवाएं और यह मंजर सब चीख चीख कर कह रहे हैं कि कब तुम पिता का कर्ज चुकाओगे!!
और मां बैठी है देहरी पर कि मेरा लाल आएगा जीवन बदल जाएगा ऐसा करके कब अपनी मां को दिखाओगे!!
तू ही बता, क्या लिखूं आग लिखूं कि पानी लिखूं या लहरों की रवानी लिखूं!!
मैं तो बेहतरी और बदलाव चाहता हूं इसीलिए सोचता हूं कि आने वाली पीढ़ी के लिए कुर्बान अपनी जवानी लिखूं!!
मेरे हुजरे में नहीं कहीं और रख दो, आसमा लाए हो- आसमा लाए हो, ले आओ जमीन पर रख दो।
अब कहां ढूंढने जाओगे हमारे कातिल, मेरे कत्ल का इल्जाम आप हमी पर रख दो।
मैंने जिस ताख पर कुछ टूटे दिए रखेहैं, चांद तारों को भी उसी पर रख दो|
चोर उचक्का की करो कद्र, पता नहीं कौन कब किस सरकार में आ जाए।
Hshnankgsnna
अय बदनसीबी तू
कहीं और जाकर
अपने खेल खेल
तुझे खट खटाने
के लिए क्या
मेरे ही घर का
दरवाज़ा दिखता है
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
Aye badnaseebi tu kahin
Aur jakar apne khel khel
Tujhe khat khata ne ke liye
Kya mere hi ghar ka
darwaaza dikhta hai
FAKEERA
THE FAKIR BADSHAH SAAB
Kuch tuney diye
Kuch maine kamaye
Kuch duniya ne mujhe
Bante hai
Aye zindagi tere daman
Sirf kante hi kante hai
FAKEERA
THE FAKIR BADSHAH SAAB
Tu mujhe udta hua parinda
Nazaar ataa hai
Andar se tu mar chuka hai
Upar se zinda nazar aata ha
FAKEERA
THE FAKIR BADSHAH SAAB
Zindagi bikhar gayi hai
Yahaan wahaan
Main usey samet kar
Rakhun to rakhun kahaan
FAKEERA
THE FAKIR BADSHAH SAAB
पहिलो दोस्त हुए,
दोस्त से जान हुए।
जान से अनजान हुए,
और जिंदगी आगे वढ़ गयी।
-NicyLiky
ये मेरी और ऊपरवाले
की लड़ाई है
अय आदमी तू मुझसे
ना उलझ ना
जब वोह साब कुछ
चुप चाप सुनता है
तो फिर तेरी क्या औकात है
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
Ye meri aur uperwale ki
ladai hai
Aye adami tu mujhse
na ulajh na
Jab woh sab kuch
chup chap sunta hai
To phir Teri kya aukaat hai
FAKEERA
THE FAKIR BADSHAH SAAB
Mujhe Kya Pata Tha
Ki Time Pass Karte Karte Mujhe Sach Mein Pyar Ho Jayega
Janab Hum To Time Pass Hi Kar Rahe The
Lekin Wo Time Pass Wali Ne Hi Mujhe Pyar Karna Shikha Gayi
#SAGAR_R
#BOXER?✍️
बहती धारा की तरह
ज़िन्दगी बहती जा रही है
गौर से सून तुझसे
ज़िन्दगी क्या कहती जा रही हैं
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
Bahti dhara ki tarha
Zindagi bahti ja rahi hai
Gaur se suun tujhse
Zindagi kya kahti ja rahi hai
FAKEERA THE
FAKIR BADSHAH SAAB
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