Dard Bhari Shayari

हर दफा मोह्हबत की आड़ में धोखा दिया गया लड़ते भी तो किस से गुनेहगार कोई और नहीं में खुद ही था

Posted On: 24-08-2022

😔हम नदी के किनारे बेचारे बैठे है इस जमाने से महोबत्त हारे बैठे है। खुद ही खुद को मारे बैठे है कुछ इस क़दर हम तुम को हारे बैठे है। जमाने से ऐसे हारे हुए हम फिर भी तुम्हारे सहारे बैठे है। RR.......

udas the hum usko yaad karke... khush the wo humko bhula ke😔

कुछ इस तरह से मिले हम,न मैंने उसको जी भर के देखा न वो मुझे पहचान पाई .

Posted On: 15-01-2022

“जिसे चाहो...वो मिल ही जाए ये जरुरी तो नही, कुछ अधूरे किस्से भी पूरी कहानी होते हैं...!”

*सोचने से कहाँ मिलते है तमन्नाओं के शहर ,* *चलने की जिद भी जरुरी है मंजिल पाने के लिए ..*

मुझे इश्क ना सिखा तुझसे बेहतर हूं मैं, पगली जिस स्कूल से तू पढ़कर आई उसका टीचर हूं मैं। मेरी कश्ती का सहारा है तू, किसी और का नही सिर्फ हमारा है तू, मै कितना पागल था जो तुझ पर हक जताता रहा पूरे शहर में तुझको अपना बताता रहा,, लौट कर शाम को जब आया मै घर, गैर की बाहों में उसको देख गया मैं डर, फिर ज़हन में ये सवाल आया, दिल को थोड़ा सा बहलाया, यार का घर तो पीछे ही छोड़ आया, अब क्यों रो रहा पागल मैंने तो पहले ही दिल तोड़ आया। घर उसका पीछे ही छोड़ आया।

Dil pe pathar leke phul unko deta गया Phul to lete gaye wo par pathar ko utha na सके Phul ke sath, unki khusiya dekh ke Pathar ke dard ko dil mein sehta gaya👍

DIL SE CHAHO JISE VO MILTA NHI KABHI SAYAD ESI LIYE BEMTAAH PYAR KRTE HAI CHAHNE VALE KO SABHI

Kaisa badla rang tune o बेवफा Deepak Ke haalaat ki तरह Uski jindgi me kar gyi अँधेरा Ek kaali raat ki तरह

Aisa nahi Ke Dil me Teri tasveer nahi थी Bas haathon me tere naam ki lakeer nahi thi

Posted On: 20-11-2021

Chalakti Hain Aankhen Tujhe Yaad Karke Tadapta Hai Ajmal Fariyaad Kar Ke

Posted On: 20-11-2021

Ajmal wafa Na Karna Is Daur e Bekasi Me. Deta Nahi Hai Koi Yahan Par Kisi Ka Sath

Posted On: 24-10-2021

Mere ashqon ke daman me mere gam ki kahani hai.. Nahi hu bewafa yaaro jahan ki badgumani hai.. 1.. jahan wale zamane me mere hi muntazir honge.. Lage hain zakhm jo dil par ye unki meharbani hai.. 2..karoon shikwa kahan ja ke main apni badnaseebi ka Meri bigdi hui kismat ki yaaro ye nishani hai.. 3..bichhad kar unse ab meri mulalaten nahi mumkin... Bhala kaise main rokoonga jo ashqon ki rawani hai.. 4.. main tanha ye safar ajmal bhala kaise guzaroonga. Suno tum aye jahan walo ye meri hi kahani hai...

यु तो मोह्हबत की कितनी ही गलियों से निकले है हम लोहे जैसे मजबूत थे पर किसी एक की आग में बोहोत पिघले है हम