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Dard Bhari Shayari

A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.

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986 piecesLatest published writing · Page 9
Dard Bhari Shayari
हर बार दिल से ये पैगाम आए ज़ुबाँ खोलूं तो तेरा ही नाम आए तुम ही क्यूँ भाए दिल को क्या मालूम, जब नजरों के सामने हसीन तमाम आए !
Dard Bhari Shayari
पाकर पनाह तेरे दिल में महबूब, हम मुक्कमल दीवाने हो जाएंगे, बस दे दे तू पता अपने दिल का, हम भी वहां अपना आशियाना बनायेंगे।
Dard Bhari Shayari
तुम्हारे नाम को होठों पर सजाया है मैंने, तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने, दुनिया आपको ढूंढ़ती ढूंढ़ती हो जाएगी पागल, दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने।
Dard Bhari Shayari
पहले वह मेरी दोस्त थी अब जाके मोहब्बत बन चुकी हैं, पहले सिर्फ उसे याद करते थे, अब तो आदत बन चुकी हैं।
Dard Bhari Shayari
धारा तीन सौ सात लगनी चाहिये तेरी निगाहों पर, यूँ देखना भी कत्ल की कोशिशों में शुमार होता है !!
Dard Bhari Shayari
मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ रहती है, कोई इंसान तन्हाई में भी कभी तन्हा नहीं रहता।
Dard Bhari Shayari
मै तेरे शहर से यार गुजर जाऊंगा , उसके बाद फिर कभी भी नजर नहीं आऊंगा , हां ये सच है कि तेरा गम सताएगा कादिर , लेकिन ये न सोच लेना ये मेरे यार कि मै मर जाऊंगा |||||||
Dard Bhari Shayari
एक यार मिला था सादा सा बिछड़ेंगे नहीं ये वादा था , जिसे कहने लगे थे जान वो अनजान हो गए , उस शक्श को हमने इतना चाहा की वो परेशान हो गए ||||||
Dard Bhari Shayari
तुमने देखा ही कहा रुतबा हमारा , एक दौर में चलता था सिक्का हमारा , उलटी चाले चली जाती है मोहब्बत के खेल में, एक बेगम से काटा गया था इक्का हमारा ||||||
Dard Bhari Shayari
छुप _छुप कर तनहा रो लूंगा अब दिल का दर्द किसी से ना कहूंगा नींद तो आती नहीं रातो को मुझे जब रुकेगी धड़कन तो जी भर के सो लूंगा |||||
Dard Bhari Shayari
शायरी में कहाँ सिमटे है दर्द दोस्तों,, बस दिल बहला रहे हैं काग़ज़ों के टुकड़ों से
Dard Bhari Shayari
ना जाने कितनी उम्मीदें मर चुकी हैं मेरे अन्दर, अब तो मेरा दिल भी मुझे कब्रिस्तान सा लगता है.........
Dard Bhari Shayari
सिमट सा गया मेरा प्यार कुछ अल्फाजों से, जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नही

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