Dard Bhari Shayari

दर्द भरी शायरी, Dard Bhari Shayari, Dard Bhari Shayari in Hindi

Read and write दर्द भरी शायरी, dard bhari shayari, dard bhari shayari in hindi on Shayari Books. Shayari Books is a best platform for individual to write shayari book free of cost.

आज उस काग़ज़ पे, ज़िन्दगी की कोई दास्ताँ लिख रहा हूँ, जिस कागज़ को, किसी पेड़ की ज़िन्दगी छीन के, बनाया गया होगा..

उसके ना होने से कुछ भी नहीं बदला मुझ में; बस जहाँ पहले दिल रहता था वहाँ अब सिर्फ दर्द रहता है।

-अलफ़ाज़ ना समझ सके तुम ख़ामोशी क्या समझोगे -हसीं ना देख सके तुम आँशु क्या देखोगे -मेरी जलन महसूस ना कर सके तुम तड़प क्या महसूस करोगे -बातोंको जान ना सके तुम जज़्बात क्या जानोगे -मिलने का जशन मना ना सके तुम जुदाई का मातम क्या मनाओगे रही बात हमारी रही बात हमारी -मासूम सी मुस्कान ना भूल सके हम क़ातिल अदाएं क्या भुलायेंगे -आँखे भुला ना सके तुम्हारी तुम्हे क्या भुलायेंगे -तेरी तस्वीर देखकर बेबस हो जाते है रूबरू मुलाक़ात से धड़कनो को कैसे रोक पाएंगे

Dard ko mere Kabhi tune nhi samjha Takleef ko mere Kabhi tune apna nhi samjha Chahate to sawar jati hamari bhi zindagi Chahate to sawar jati hamari bhi zindagi Par tumhe toh hamari barbaadi pe Maza aaraha tha

Mein Aur Kya Likhu Tere Liye Tujhe Dehkta Hu To Meri Sanse Tham Jati Hai Tujhe Se Itna Pyar Karta Hu Mein Ki Tu Kahe De To Abi K Abi JAAN De Du Main Tere Liye #SAGAR_R

आज जिस्म मे जान है तो देखते नही हैं लोग, जब रूह निकल जाएगी तो कफन हटा-हटा कर देखेंगे लोग

जब तुम्हें गैरों से बात करते हुए देखा तो बहुत दुख हुआ, फिर अचानक याद आया कि हम कौन से तेरे अपने हैं?

आशियाना बनायें भी तो कहाँ बनायें, बताओ ज़रा....... जमीनें महंगी हो चली हैं, और दिल में लोग जगह देते नहीं।।

कहते है आँसू सब से कीमती तोहफा है, शायद इसीलिए जो दिल के करीब होते हैं, वही सबसे ज्यादा देते हैं....!

दर्द को भी आधार कार्ड से जोड़ दो जनाब, जिन्हें मिल गया हो उन्हें दोबारा ना मिले...!

जिंदगी की बुरी घड़ियों में कौन किसका होता है ? परछाई भी साथ छोड़ देती है जब अंधेरा होता है--!!

अगर तुम्हे न देखु, तो ये दिल बेचैन हो जाता है; पर जब तुम देख क भी अनदेखा करदो , तब फ़ो मेरा .ही चैन खो जाता hai

Nazaar chahti hai didaar krna Dil chahta hai pyaar krna Kya battaye iss dil ke alaam ko Naseeb me likha hai intezaar krna...

MERE JANAZE KE PICHE, SARA JAMANA NIKLA, PAR WOH NAHI NIKLA, JISKE LIYE MERA JANAZA NIKLA, WOH ATA BHI KAISE MERE JANAZE PR, QKI, MERE JANAZE KE PICHE USKA JANAZA NIKLA............

Wo khush hai par hum aaj bhi unke liye rote hai Kabhi mud ke dekh piche Hum aaj bhi tere sath ke liye tadapte hai