कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं, मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं....!!!
उन से कह दो अपनी ख़ास हिफाज़त किया करे, बेशक साँसे उनकी है… पर जान तो मेरी है.…!!!
अहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानो का, कही सपनो से लोगो का ऐतबार ना उठ जाए….!!!
मैंने इंसान की वफ़ा पर यकीन करना छोड़ दिया है, जब किस्मत बदल सकती है तो ये मिट्टी के इंसान क्यों नहीं…..!!!
मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह, उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा….!!!
न ठहरो मेरे दिल की वादी में चलते चले जाओ, रूकोगी तो फिर से इश्क कर बैठोगी.....!!!
काश बनाने वाले ने दिल कांच के बनाये होते, तोड़ने वाले के हाथ में ज़ख्म तो आये होते.....!!!
है.. कोई वक़ील, जहान में… दोस्तों, जो हारा हुआ इश्क़ जिता दे मुझको....!!!
ऐ ज़िन्दगी तू अपनी रफ़्तार पे ना इतरा, जो रोक ली मैंने अपनी साँसें तो तू भी चल ना पायेगी…!!!
काश वो नगमे सुनाए ना होते, आज उनको सुनकर ये आँसू आए ना होते, अगर इस तरह भूल जाना ही था, तो इतनी गहराई से दिल्मे समाए ना होते….!!!
कौन खरीदेगा अब हीरों के दाम में तुम्हारें आंशू, वो जो दर्द का सौदागर था, मोहब्बत छोड़ दी उसने......!!!
मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है, पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है.......!!!
खुशियाँ तो कब की रूठ गयी हैं काश की, इस ज़िन्दगी को भी किसी की नज़र लग जाये....!!!
एक बेबफा के जख्मो पे मरहम लगाने हम गए, मरहम की कसम मरहम न मिला मरहम की जगह मर हम गए…!!!
हमने दिल जो वापीस मांगा तो सिर जुका के बोले, वो तो टुंट गया युहि खेलते खेलते…….!!!
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