Latest Shayari

बहुत ज़्यादा होगा भी तो क्या होगा , चुप रहने दो साहब नहीं तमाशा और होगा , मैं खामोश हू तो खामोश रहने दो , अगर बोल दिया तो तमाशा और होगा , यहॉ नए खिलाड़ी आ गए हैं बहुत , मैदान वही रहने दो नहीं तमाशा और होगा , हम जैसो पर चुपचाप पानी डालते रहो , कोई तड़प के मर गया तो तमाशा और होगा , मेरी बातों पर यकीन ना करो ना ही किसी को गौर होगा , मुझे चुप रहने दो साहब बोल दिया तो तमाशा और होगा, खैर भाई का छोटा भाई के लिखने से क्या होगा , चुप ही रहने दो साहब बोल दिया तो तमाशा और होगा...✍️ खैर छोड़ो....! ~भाई का छोटा भाई

Posted On: 29-07-2021

वाह रे इंसान , मुझे तो इंसान कहने में शर्म आती है , दुष्कर्म करने वाले दरिंदों की मौत क्यों नहीं हो जाती हैं , क्यों इनको दिखती नहीं मां बहन बेटियां , आखिर इनके घर कौन पकाता है रोटिया , वाह रे इंसान , मुझे तो इंसान कहने में शर्म आती है , आखिर इन निलज्जो कि शर्म कहां जाती है , इंसानियत तो रही नहीं इंसान में, इंसान ही तुले हैं दूसरे इंसान की जान में, वाह रे इंसान , मुझे तो इंसान कहने में शर्म आती है , आखिर इन बलात्कारियों को फांसी क्यों नहीं हो जाती हैं, क्यों नहीं बनाते हो नए कड़े कानून , दुष्कर्मीयों का सीधे कर दो खून, वाह रे इंसान , मुझे तो इंसान कहने में शर्म आती है , पर पता नहीं बलात्कारियों को अपनी मां बहन क्यो ध्यान नहीं आती हैं , इनको ऐसी मौत दो कि , दुष्कर्म करने की सोचने से पहले ही डर जाएं , बलात्कारी यही सोचे कि दुष्कर्म करने से अच्छा है मर जाए , वाह रे इंसान , ऐसे इंसान को लिखने में मेरी कलम शर्माई, अब इन दरिंदों को क्या लिखूं मैं भाई का छोटा भाई...✍️ ~भाई का छोटा भाई

Posted On: 26-07-2021

Posted On: 25-07-2021

Posted On: 25-07-2021

Posted On: 25-07-2021

आपकी नशीली यादों में डूबकर हमने इश्क की गहराई को समझा आप तो दे रहे थे धोखा💔 और हमने जानकर भी कभी आपको बेवफा न समझा।😭 💔 😢

Posted On: 25-07-2021

Posted On: 24-07-2021

हर यार ,यार नही होता । और हर यार वफादार नही होता । ये तो दिल आने की बात है, वरना यहां तो सात फेरों के बाद भी प्यार नही होता।

Posted On: 18-07-2021

अक्सर वही दीए हाथों को जला देते हैं, जिसको हम हवा से बचा रहे होते हैं!

बस रहने दे ऐ दिल कोई ख्वाइस ना किया कर ,में थक गया हूं मेरे सब्र की आजमाइश ना किया कर, बता कोन है दुनिया में जिसे कभी दर्द ना मिला हो,तू यू सरेआम महफिल में मेरे जख्मों की नुमाइश ना किया कर...।।

Posted On: 12-07-2021

सरल व्यक्ति के साथ किया गया छल आपकी बर्बादी की सभी द्वार खोल देती है चाहे आप कितने भी बड़े सतरंज के खिलाडी क्यू न हो