फिर कौन है आज meri जगह?, तुम तो कहते थे तुम्हारे जैसा कोई नही
मैं उलझा हुआ हूं अपनी कहानी मे, मैं कहां किसी के किस्से का किरदार बनूँ
तुम्हारी याद आती हैं तो कमाल होता है, कभी आ कर देखो क्या बवाल होता है
बात नही होती पर उसका नंबर याद है मुझे, महिना है जन्मदिन का June याद है मुझे
तड़पना क्या होता है ये उससे पूछो, जिसके पास नंबर तो होता है पर बात नही होती
जिसने तुम्हें मेरे हिस्से से चुरा लिया, उससे कहना यूँ किसी का हक्क नही मारा करते
तुमसे लिपट कर रो लेते, मग़र इन दूरीयो ने ये हक्क भी छिन लिया
चाह कर भी मजबूर हैं हम, कैसे बताए क्यूँ दूर है हम
तुम्हारी खुशी के ठिकाने सौ होगे मग़र हमारी बेचैनी की वजह सिर्फ तुम
फर्क सिर्फ इतना ही है तुम्हारी और हमारी रातों में, तुम सोकर गुज़रते है और हम रोकर
हमारी सादगी ने बर्बाद किया हमे, लुटा भी उन्होंने जो अपना कहते थे हमे
यू तो बहुत जख्म थे मेरे दिल में, मग़र उसके दर्द ने दिल को चूर-चूर कर दिया
उनसे क्यूँ मिलवाता है ये रब, जो हमारी किस्मत में नही होते
मैंने सुना बहुत रोया वो मेरा नाम सुनकर, हाय, मेरा हाल सुनकर क्या हाल करेगा
हम नाराज नही है तुमसे, पर हाँ दिल दुखा है मेरा
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