Latest Shayari

“शहर जाकर तुझे बस रात की शोखी हुई हासिल, मैं अपने गाँव की इक शाम तेरे नाम करता हूँ...!”❤️

"ये मेरे हाथ में जो फूल का गुलदस्ता है, ये मेरे पाँव के काँटों पे बहुत हँसता है..!" 🌹🌹

हंसकर भी देख लिया रोकर भी देख लिया किसी को पाकर और खोकर भी देख लिया जिंदगी वही जी सकता है जो अकेले जीना सीख लिया 😭😭😭😭😭💔💔💔💔💔

ਦਿਨ ਹੁੰਦੇ ਹੀ ਆ ਜਾਂਦਾ ਏ ਚੇਤਾ ਤੇਰਾ ਖਤਮ ਹੁੰਦਾ ਜਦੋਂ ਖਤਮ ਰਾਤ ਹੁੰਦੀ ਬਹੁਤ ਨਾਜੁਕ ਦਿਲ ਆ ਬੇਚਾਰਾ ਮੇਰਾ ਉਥੇ ਰੁਕ ਜਾਂਦਾ ਜਿੱਥੇ ਤੇਰੀ ਬਾਤ ਹੁੰਦੀ ਸ਼ਾਇਦ ਮੈਂ ਵੀ ਇੰਝ ਨਾ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਦਾ ਜੇ ਕੀਤੇ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਨਾ ਮੁਲਾਕਾਤ ਹੁੰਦੀ

Posted On: 13-03-2021

“मैं उनसे आज तक कभी पाया नहीं गया, जानॉं ! जो मेरे शौक़ के आलम मिले तुम्हें ! यूँ हो कि कोई और ही हव्वा मिले मुझे, हो यूँ कि कोई और ही आदम मिले तुम्हें..!”

बंगाल पहुंचे संयुक्त किसान मोर्चा के नेता, कोलकाता-नंदीग्राम में राकेश टिकैत की रैलियां ।

Posted On: 13-03-2021

ये जीवन है…साहब…उलझेंगे नही तो सुलझेंगे कैसे…और बिखरेंगे नहीं तो निखरेंगे कैसे…!!

(बाप जी) भाईं तेरी यादें , वाह क्या किया करते थे वादे, तू तो जैसे गुलाब का फूल हो गया , भाई एक बार बताना तो क्या मुझसे भूल हो गया , आखिर क्यों नहीं उठाता मेरा फोन , क्या नहीं बजती तेरे मोबाइल में रिंगटोन , या फिर ज्यादा बिजी है तो समय नहीं मिलता , जैसे गर्मियों में फूल नहीं खिलता , भाई इतना एटीट्यूट भी ठीक नहीं , दो शब्द बात करने को ही तो बोल रहा हूं , तुझसे माग रहा भीख नहीं , आखिर क्यों मेरे संदेश को देख कर भी अनदेखा कर देते हो, क्यों रिप्लाई में एक शब्द नहीं लिख देते हो , मैं ज्यादा व्यस्त हूं , मैं तुझसे बात करूं मैं वो नहीं शख्स हू , आखिर क्यों नहीं लिख देते, कि मुझमे अब वो बात नहीं , वादा किया करता था जो अब वो रात नहीं, वाह सचिन दादा आपकी बात ही निराली है , क्या लिखूं आपकी तारीफ में , मेरी तो जुबान भी काली है, मैं तो उस गुलाब के कांटे जैसे हू ना कि फूल , आपका एटीट्यूड जायज है मुझसे ही हो गई भूल , हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं अब मुझे माफ कर देना , यह अपना एटीट्यूड किसी लड़की को दिखाना, मेरे पास कुछ अल्फाज नहीं था बाप जी, इसलिए आपके बारे में गलत ही जता रहा हूं, बुरा मत मानना भाई मैं पहले से बता रहा हूं....✍️ ~भाई का छोटा भाई

Posted On: 13-03-2021

कल बाबा भोले नाथ पे जल चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ हर हर महादेव

इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे !

मत पूछ मेरी पहचान मै तो भष्मधारी हू! अंगार से होता है जिनका क्षृ़ंगार मै उस महाकाल का पुजारी हू!

Posted On: 13-03-2021

मोहब्बत पहली दुसरी या तीसरी नहीं होती । मोहब्बत वहीं है, जिसके बाद मोहब्बत ना हो ।

Posted On: 13-03-2021

जिंदा रहना है तो हालात से डरना कैसा हक की लड़ाई है संघर्ष करो किसानों जैसा। #StudentsWantJobs

Posted On: 13-03-2021

सत्य की तलाश नहीं की जाती.. सत्य को अपनाया जाता है..!

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥