कभी देखेंगे ऐ जाम तुझे होठों से लगाकर, तू मुझमें उतरता है कि मैं तुझमें उतरता हूँ।
गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा कर लाए थे, खिलखिलाना दोस्तों से तोहफ़े में मिल गया।
हम अपने आप पर गुरूर नहीं करते, किसी को प्यार करने पर मजबूर नहीं करते, जिसे एक बार दिल से दोस्त बना लें, उसे मरते दम तक दिल से दूर नहीं करते।
एक ताबीज़ तेरी मेरी दोस्ती को भी चाहिए... थोड़ी सी दिखी नहीं कि नज़र लगने लगती है।
प्यार से कहो तो आसमान मांग लो, रूठ कर कहो तो मुस्कान मांग लो, तमन्ना यही है कि दोस्ती मत तोड़ना, फिर चाहें हँसकर हमारी जान मांग लो।
शुक्रिया ऐ दोस्त मेरी ज़िन्दगी में आने के लिए, हर लम्हे को इतना खूबसूरत बनाने के लिए, तू है तो हर ख़ुशी पर मेरा नाम लिख गया है, शुक्रिया मुझे इतना खुशनसीब बनाने के लिए।
लगता है बारिश को भी कब्ज़ हो गयी है। मौसम तो बनता है पर आती नहीं।
ये जो हसीनों के लंबे लंबे बाल होते हैं, बस लड़कों को फंसाने का जाल होते हैं, ना जाने कितनों का खून पिया होगा इन्होने, इसलिए तो इनके होंठ लाल होते हैं।
ऐ बेवफा सांस लेने से तेरी याद आती है, ऐ बेवफा सांस न लूँ तो भी मेरी जान जाती है, मैं कैसे कह दूं कि बस मैं सांस से जिंदा हूँ, ये सांस भी तो तेरी याद आने के बाद आती है।
कुछ तन्हाईयां वेबजह नही होतीं, कुछ दर्द आवाज़ छीन लिया करतें है।
सनम बेवफा है, ये वक्त बेवफा है, हम शिकवा करें भी तो किस्से, कमबख्त ज़िन्दगी भी तो वेबफा है।
यही बहुत है कि तुमने पलट के देख लिया, ये लुत्फ़ भी मेरी उम्मीद से कुछ ज्यादा है।
लड़ें वो बीर जवानों की तरह, ठंडा खून फ़ौलाद हुआ, मरते-मरते भी की मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ.
जो अब तक ना खौला वो खून नही पानी हैं, जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी हैं.
किस किस का नाम लें अपनी बरबादी में, बहुत लोग आये थे दुआएं देने शादी में।
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