आप हैम रुला डू है कोई गाम नही आप हैम भुला दो है कोई गाम नही जीस दीन हमने आप को भुला दीया समाज लेना es duniya me ham nahi ...
धन भी रखते है, गन भी रखते है, और_सुन बेटा ब्राह्मण पंडित है, थोड़ा हटके रर्इयो वरना, ठोकने का ज़िगर भी रखते है..!!
मोहब्बत नहीं है क़ैद मिलने या बिछड़ने की, ये इन खुदगर्ज़ लफ़्ज़ों से बहुत आगे की बात है।
कितना वाकिफ थी वो मेरी कमजोरी से, वो रो देती थी, और मैं हार जाता था।
गुमनामी का अँधेरा कुछ इस तरह छा गया है, कि दास्ताँ बन के जीना भी हमें रास आ गया है।
अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी, गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सकून से सोया करते थे।
जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये।
किताबें भी बिल्कुल मेरी तरह हैं अल्फ़ाज़ से भरपूर मगर खामोश।
वो मुस्कान थी कहीं खो गयी, और मैं जज्बात था कहीं बिखर गया।
मरना भी मुश्किल है जिस शख्श के वगैर, उस शख्स ने ख्वाबों में भी आना छोड़ दिया।
हम तो बने ही थे तबाह होने के लिए, तेरा छोड़ जाना तो महज़ बहाना बन गया।
परदा तो होश वालों से किया जाता है हुज़ूर, तुम बेनक़ाब चले आओ हम तो नशे में हैं।
लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे, आज हमारा पीना ही हमारे काम आ गया।
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