ये करवटों के सिलसिले कभी खत्म हो न पाएंगे तेरे बिन हम दिलजले कभी चैन नहीं पाएंगे
किसी को ज्यादा सताया नहीँ करते, अपनोँ को युं ज्यादा आजमाया नही करते, चाहने वाले भी वक्त के लम्होँ की तरह होते है, बीत जाये तो फिर लौट के आया नहीँ करते।
वो शख्स भरी महफिल में भी मेरी तरह तन्हा है, उसे ना पीने का शौक है... ना पिलाने का।
सीख रहा हूँ मै भी अब मीठा झूठ बोलने का हुनर, कड़वे सच ने हमसे, ना जाने, कितने अज़ीज़ छीन लिए।
कोई गम नही एक तेरी जुदाई के सिवा, मेरे हिस्से मे क्या आया तन्हाई के सिवा, मिलन की रातें मिली, यूँ तो बेशुमार, प्यार मे सबकुछ मिला शहनाई के सिवा..
यादों के सहारे दुनिया नही चलती, बिना किसी शायर के महफ़िल नही बनती, एक बार पुकारो तो आए दोस्तों, क्यों की दोस्तों के बिना ये धड़कने नही चलती..
2. परवाह नही चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो, चलुंगा उसी राह पर जो सीधी और साफ हो.. 3.वो प्यार भी किस काम का जिसमें हर बात, को यकीन दिलाने के लिए कसम खानी पढ़े..
1. हमारे सीने पर भी ख़ुश्बू ने सर रक्खा था ए दोस्तो, हमारी बाँहों में भी कभी फूलों की डाली रही..
"तेरी ख़ुशरंग उदासी में जो सन्नाटा है मैं उसको अपने कहकहों से आ गुलज़ार करूँ तेरी ये शर्त कि बस एक बार मिलना हो मेरी ये ज़िद है कि बस एक बार प्यार करूँ..."
नक्कलीले कर्के नजर हानेर पो मार्यो । हजारमा आज मलाई छानेर पो मार्यो ।। स्वास फेर्न लौन हम्मे हम्मे भयो गाठे । जबर्जस्ती अंगालोमा बाधेर पो मार्यो ।। तातो तातो श्वास मलाई हप हपी भयो । लाजै मर्ने काम उस्ले गरेर पो पार्यो ।।
विश्वाश गर्नै गाह्रो हुने बनावटी कहानीको पर्खाईमै बस्नु पर्ने रात कुर्दै बिहानीको अतीत यो बल्झी दिन्छ नचाहेरै घरीघरी भँवराझैं रस चुस्दै छाड्दै हिड्ने बेइमानीको
#छोडेर मलाई नजाउ सानु एक्लै कसरी बाच्छु होला तिमी बिना उजाड संसार भन त कसरी हस्छु होला #टुक्राई मुटु तिमीले गए भन त कसरी गास्छु होला आसु तिमीलाई दिएर सानु म चाही कसरी हस्छु होला
हिन्दै ग्रर्दा आखा कतई अलमली ने होकी। आसा बोकी आछु बिदेश मरी ने पो होकी। घर मा साना साना बाबु रुदै बस्ने होलान। आउछ मेरो बा बा भनी बाटो हेरने होलान।
तिम्रोलागी धडकिने,धडकन उस्तै छ सानु! जीन्दगीमा बाधा, र अडचन उस्तै छ सानु! छाडी जादा तिमीले हरपल रुदै बाचेकोछु मेरो दुखी सँसार अनी,गगन उस्तै छ सानु! बिर्सन्छु भन्छु याद झनै बल्झिएर आउछ जमाना बदलियो हेर, मेरो मन उस्तै सानु! अझैपनी छटपटीमा कोल्टेफेर्दै रातबित्छन तिमी बिनाको, मनको जलन उस्तै छ सानु! एक्लैएक्लै जीन्दगीको गोरेटोमा भौतारिन्छु अर्थहिन मेरो जीबन,र मरन उस्तै छ सानु
timi ma dekhi tada janchhu kasari timi malai bhulna sakchhau kasari ma ta tyo khusboo hun jo timro sans ma baseko chha, aafno sans lai timi rokna sakchhau kasari
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