Life Quotes

Posted On: 09-05-2021

Posted On: 26-03-2021

✍️....मेरे अल्फ़ाज़💕 धूप में तपता कभी न थकता ठंड में ठिठुरता कभी न गिरता, बारिश में भीगता कभी न हारता, वो एक इंसान हूँ मै... हर भावनाओं को मार के मन मैं, निरंतर खड़ा रहा रहता हूं मैं, अपनी खुशियों के पलों को , सीने में दफ्न कर डिगा हूं ।मैं वो एक इंसान हूँ मै... काम आ गया तो अच्छा हूँ मैं काम न आया तो बुरा हूं मैं, नज़रो में चढ़ा तो कभी उतरा हूँ मै, वो एक इंसान हूँ मैं... कोई घर की भड़ास निकाले, कोई मन की भड़ास निकाले, फिर अपने जगह पर खड़ा हूँ मै.. वो एक इंसान हूँ मै... क्या दिन और क्या पहर हर हालात से लड़ता हूँ मै.. कभी खुशी तो कभी तपन हर पहलुओं से गुज़रा हूँ मैं... वो एक इंसान हूँ मै... दफन कर ख्वाहिशो को सीने में नित्य दिन फ़र्ज़ निभाता हूँ मैं बिना गलती के कर्ज चुकाता हूँ मै वो एक इंसान हूँ मैं... कर हौसलो को बुलंद मन मै एक उम्मीद लगाए बैठा हूँ मै आएगा एक दिन नया सवेरा ये आस लगाए खड़ा हूँ मैं.... वो एक इंसान हूँ मैं....

Posted On: 24-03-2021

Meri zindagi ke har ek kisse ko Aaj kitab samjh ke padh rahe hai woh ..

ये चेहरे की हकीकत दुनिया कहां जानती है , मैं कल रात से कितना परेशान हूँ ये बात सिर्फ मां जानती है...✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

एक हाथी एक राजा एक रानी के बगैर , नींद मुझे नहीं आती मां की कहानी के बगैर....✍ ~भाई का छोटा भाई

जो बातें पी गया था मैं , वो बातें खा गई मुझको...✍️ ~भाई का छोटा भाई

मैं खुद ही कर रहा हूं अपनी तलाश , यह देख लो मैं हूं जिंदा लाश....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~ 👉👉

जीने के आरजू में मरे जा रहे है लोग, और मरने के आरजू में जिया जा रहा हु मेै.... ✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

ये सर्दी भी न कितना सितम कर रही हैं , एक जख्म जिंदिगी का और ऊपर से हवा चल रही है....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

उठो जागो और तब तक ना रुको , जब तक मौत की प्राप्ति ना हो जाए , "क्योंकि जिंदगी की सबसे बड़ी सफलता मौत है"....✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

सिगरेट 🚭 तू मेरी ज़िन्दगी का हिस्सा है , अल्फाज मैं कुछ भी लिखू वो मेरा किस्सा है...✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

जिनके कारण देश कि शान है, वो हमारे देश के किसान है....✍️ ~भाई का छोटा भाई

अल्फ़ाज़ की शक्ल में ये एहसास लिखा जाता है , भाई का छोटा भाई कि कलम से मॉ का प्यार लिखा जाता है , मेरे जज़्बात से तो वाकिफ़ है मेरी कलम भी, अगर मै याद लिखु तो मॉ लिखा जाता है.....✍️

इक आईना है जो चेहरा देख के जल उठता है, एक किताब है जो कहानी खुद की बताती है, इक ऐसी जिंदगी है ना ख्वाब अच्छे आते हैं ना नींदें वफ़ा दिखाती है~ रविकांत मिश्रा (बी.ए एल एल.बी) गोरखपुर विश्वविद्यालय

Posted On: 03-12-2020

Gindgi KE kitne GAM KE aansu in aakhon me basaay huai hai. Jaise KI samundar KI rait main moityaan chupaay rakhe hai. ye do boond KE aansu hi jivan KE kitne Dino tak aankhon main sajay Rke hai. Main TO ek pani ka boond hi Hu Jo jivan ke itne lamhe aankhon main Basai batha Hu. ye WO aansu hai Jo ek Beti apni pita KE Ghar main apni sadi main rulay bathti hai.