कुछ खास नहीं इन हाथों की लकीरों में, मगर तुम हो तो एक लकीर ही काफी है…...!!!
दिलो जान से करेंगे हिफ़ाज़त तेरी, बस एक बार तू कह दे कि, मैं अमानत हूं तेरी.....!!!
कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें, तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…...!!!
कोई अजनबी ख़ास हो रहा है, लगता है फिर प्यार हो रहा है.........!!!
मै उसको चाँद कह दू ये मुमकिन तो है, मगर... लोग उसे रात भर देखें ये मुझे गवारा नहीं…..!!!
मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना…...!!!
पहली मुलाकात थी और हम दोनों ही बेबस थे, वो अपनी जुल्फें न संभाल पाए और हम खुद को…...!!!
बोतल को बदनाम मत करो मुझको इश्क का नशा है आंखे नशिली थी उसकी ऐसी नागिन ने डसा है !
दिल को बहलाने की सजा मांगते हो क्या, जान को जान कहने की आज्ञा मांगते हो क्या, छोड़ो यह सब बातें इश्क की पुरानी, अब जख्मों से दर्द की दवा मांगते हो क्या l
कि..... मरते हैं कितने तुझपे, गिनती है लाखौं में...., हम भी गिरफ्तार हुए हैं, तेरे दिल? की सलाखों में.,.., और कतने आशिक लुटोगी ए-हसीना . पर्दा रखा करो आखों पे..!!!! ? @shayar_jaani_01
kiya likhe junaid unki (mother)shaan main ... kiya likhe junaid unki shaan main.......... m. mmm.. ?????meri jaan atki hain unki jaan main
उन्होंने हमसे कहा की अब आपका मुझसे कोई ताल्लुकात नहीं, हम ही पागल ठहरे जो हां कर बैठे ।
love shayri
खुदा क्यों मानते हो उन्हें इंसान ही तो है। चलो माना खुदा है भी चलो माना खुदा है पर। 3-4 दिन के मेहमान ही तो है।।
निगाह उठे तो सुबह हो झुके तो शाम हो जाए। अगर तू मुस्कुरा दे तो कत्लेआम हो जाए। जरूरत ही नहीं तुझको मेरी बाहों मे आने की, जो ख्वाबों मे ही आ जाओ तो अपना काम हो जाए।
Mr is offline
feku is offline
MUKESH is offline
Anuj is offline
dixit is offline
Itzzavnish is offline
Akhilesh is offline
Dilip is offline
Ramshwroop is offline
ulremontObsem is offline
Akash is offline
Sohil is offline
Mohd is offline
kavita is offline
mirkesh is offline
Please Login or Sign Up to write your book.