सुर्खियों में रहना आसान है, किसी के दिल में रहने से!
Writer’s notebook
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इजाजत नहीं देती है मुझे मेरी वफाएं,
कि फिर से चांद ढूंढता हुआ आसमाॅ निहारूॅ!!
तु वो चाँद है जिसे मैं पाना नहीं चाहता, पर तुझे देखने का एक भी मौका गवाना नहीं चाहता, तुझे दूर से चाहना मंजूर है मुझे, मेरी इसी इबादत पर गुरूर है मुझे।;
मेरी भी एक चाँद थी, मुझे भी गुमान था...
हाँ... इतना जरूर मैं भूल गया ..
कि उसका सारा आसमान था...!!
दिल में आग थी तो पांव कीचड़ में डाल दिया,
कमबख्त ना आग बुझी ना दामन बचा....!
मुहब्बत कभी खत्म नहीं होती सिर्फ बढ़ती है...
या तो सुकून बनकर या दर्द बनकर...!!
दिल ने कहा भी था मत चाह उसे यू पागलो की तरह,
कि वो मगरूर हो जायेगा तेरी बेपनाह मुहब्बत देखकर।
कतरा कतरा मे नाम तेरा लिख दिया
लहर लहर मे तेरी सूरत दर्शा दी
जो उखाड़ना है उखाड़ले बारिश की बौछारे
मिट्टी के मकान मे रहकर मैंने अपनी मुहब्बत बरसा दी।
मुहब्बत होंठों से नहीं, उनसे निकली मीठी बातों से है..
क्यों कि मासूमियत चेहरे से कहीं ज्यादा, उसकी भोली आँखों में है।
पनाहों में जो आया हो, तो उस पर वार क्या करना ,
जो दिल हारा हुआ हो उस पे फिर अधिकार क्या करना !
मुहब्बत का मजा तो डूबने की कशमकश में है,
हो ग़र मालूम गहराई तो दरिया पार क्या करना !!
इश्क़ की गहराइयों में खूबसूरत क्या है
मैं हूं, तुम हो और किसी की जरूरत क्या है
ऐसे मत देख पगली ÐiL हार जाएगी
बस अब और मत देख वरना Mummy से मार खाएगी
प्यार कहते है आशिकी कहते है कुछ लोग उसे बंदगी कहते है
मगर जिसके साथ हमें मोहब्बत है हम उन्हें अपनी जिन्दगी कहते है !!
आपकी चाहत हमारी कहानी है
ये कहानी इस वक़्त की मेहरबानी है
हमारी मौत का तो पता नहीं पर हमारी ये
ज़िंदगानी सिर्फ आपकी दीवानी है
मिली हैं रूहें तो, रस्मों की बंदिशें क्या हैं…
यह जिस्म तो ख़ाक हो जाना है फिर रंजिशें क्या हैं
छोटी सी ज़िन्दगी है तो तकरारें किस लिए…
रहो एक दूसरे के दिलों में ये दीवारें किस लिए
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