खामोश हो जाता हूं कभी कभी सब कुछ सहकर,
कुछ फैसले मैं ऊपर वाले पर भी छोड़ देता हूं..!!
Writer’s notebook
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मेरी हर शायरी कितनी भी उम्दा हो ,,,
मगर अधूरी है तेरी तारीफ के बिना,,,
हवा चुरा ले गई थी मेरी गजलों की किताब,
देखो आसमान पढ़ के रो रहा है, और
नासमझ जमाना खुश है कि बारिश ही रही है ।।
दिसंबर बीत जाने से फ़र्क पड़ता नहीं मुझको!
तेरा मेरा रिश्ता दिल का रिश्ता है उसे पुरानी साल नये साल से क्या लेना!
Yashraj
#गुनहगारों की आँखों में #झूठे ग़ुरूर होते हैं.
यहाँ #शर्मिन्दा तो सिर्फ़ #बेक़सूर होते हैं...
Yashraj
दिल चाहता है आज लिखूँ,, कुछ इस क़दर गहरा.........
कि पढ़ तो पायें सभी मग़र,, समझो सिर्फ़ तुम....
Yashraj
सुनो सनम...
दफ़ा_307 लगबा दूँ ,..तेरी_क़ातिल_निगाहों_पें...!!
~जब-जब #प्यार से देखती हैं,. अधमरा कर जाती है.!
Yashraj
झुका ली उन्होंने नज़रे जब मेरा नाम आया ,
इश्क़ मेरा नाकाम ही सही पर कही तो काम आया l l
Yashraj
रुतबा कम है ....मगर
लाज़वाब है मेरा..!
जो हर किसी के दर पर दस्तक दूँ ...!!
वो क़िरदार नहीं मेरा..!!!
ना जाने किस हुनर
को शायरी कहती हो तुम
हम तो वो लिखते हैं
जो तुमसे कह नहीं पाते ....
Yashraj
"कब तक वो मेरा होने से इंकार करेगी.....
खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगी...!!!
इश्क़ की आग में उसको इतना जला देंगे....
कि इज़हार वो मुझसे सर-ए-बाजार करेगी.
Yashraj
अबकी बार जो जिंदगी मिली तो,
तेरी आँखों का अश्क़ बन जाएंगे.
जी लेंगे जिंदगी तेरे गालों पर...
बस फिर तेरे होठों पर मर जाएंगे
Yashraj
चल सनम मोहब्बत करने का हुनर तुझे सिखाता हूँ
इश्क़ तुम शुरू करो निभाकर में दिखाता हूँ ।।
बहुत देता हैं तू गवाहियाँ और उसकी सफ़ाईयाँ,
समझ नहीं आता तू मेरा दिल हैं या उसका वकील..
जब तक तू मेरे साथ है, मैं हर पल तेरा साथ निभाऊंगा, तु मुझे छोड़ कर चली जाएगी ना, तब भी मैं हर मुश्किल में तेरे साथ नजर आऊंगा ,अगर तेरी खुशी किसी और के साथ है , तो तू उसके साथ चली जाना अरे मैं तो वो आशिक हूं ,बस तेरी गमों को अपना बनाऊंगा।।
Yashraj
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