Dard Bhari Shayari

Khud ko kho kr kuch paya fir door se dekha or akela hi paya

Zindagi tera bhi ajeeb silsila h me tujhe jee rhi hu ya tu mjhe

Jindegi kuch aise mod par agayi hai Hamesa face par ek smile reheti hai Par ander se tutneki aur bikharne ki dard hota hai Fir bhi face par muskurahat hai Bas koi jijo ki echa nehi hai Acha ho to thik hai Bura ho to koi baat nahi.... Fir bhi muskurahat hai......

Tees rupka majir main hoon kaha pehchanega Sach bhol nese log bura tho manega Kaam time bhoola ke deko koi nahi ayega Har bipadar shomay diyan se deko koi nahi ayega Agar koi mar jayga use nai bachayga Acha howa bhol ke shob hat tali Marega Dek dek chola jayga madad nai karega Kaam time karke deka tahu naam hain majir mera Majir akela eksho bhoola ke deko zoorat nahi kisika

कांटा चुभता हैं तो चलने नही देता । और जब किसी का दिल टूटता है तो जीने नहीं देता कांटा _ दिल का‌ हाल कुछ एक सा‌ ही है । कांटा चुभता हैं तो दिखता नहीं है और दिल टूटता है तो दिखता नहीं है। और दिल के जखम नासूर बनके दिल में कांटे की तरह चुभते है और जीना दुश्वार हो जाता और दिल में उसकी यादें कांटे की तरह चुभती हैं कांटा दिखता नहीं है और मेरा दिल उसके सिवा किसी से लगता नहीं है।‌‌‌

क्या दू में अपने चाहत का नजराना फकीर जो तूने बना दिया एक दिल बचा है इस सीने में ला खंजर दू निकाल मै तेरी हथेली पे

Posted On: 27-08-2019

तुम क्यों उसपर हर बार फना हो जाते हो ............... वो बेरहम तुम्हे आजमाइश की निगाह से देखता है

"Yeh kaisi Judai ki tujhe alvida bhi na keh saka, Tere dil me rehne ki tamnna thi, "mager tere shehar me bhi na reh saka.

Main Tumse pyaar karne ki koshish karta hoon par Main ye nahin janta ki aap hai kon

न पूछो राहत मेरी तेरी इस तन्हाई के बाद ,रस्ते भी खो गये है तेरी इस रुसवाई के बाद ,सांसो को तड़पाती है हर पल तेरी घटा यादो की ,बेजान से हो गयेहै तेरी इस जुदाई के वाद।

Kuch to milega sach ke behta ta ek din woh mujhe phir se bhoolaiga aya ek din hawa mujhko bhoolaya esa kuch keh gaya anchu behne laga....

मुझे फिर से पाने की फरियाद न करना रहना दूर मगर फिर से याद न करना यूँ वफा-ए-इश्क से नफरत कर बैठें हैं हम अब मोहब्बत का कोई हमसे इजहार न करना।

मै ढूँढने लगा वो खो गया उसने पूछा तक नहीं वो परछाई की तरह अंधेरे मै गायव हो गया जब उज्वल पहर हुआ तब तक मै खफा हो गया ✍️ #Lakhwinder singh chahal

गम लाखों हैं दिल में हैं मेरे, है मुस्कुराहट चेहरे पर, वो समझें कि मैं खुश हूँ बहुत , दुःख काफी दिल मैं गहरे पर, सब पूछते क्या दुःख है तुझे, मैं कह नहीं सकता ज्यादा कुछ, कह सकता हूँ इतना पर, दिल खोल नहीं सकता आगे सबके, गम बैठा दर (दरवाजा) के पहरे पर, गम ही है एकमात्र भाव,जो छुपा नहीं सकता कोई, गर छुपा लिया तुमने इसको, तुम कहलाओगे अद्भुत नर ।।

🌹 मोहबत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है, और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको, हुमारा ये पेघाम हैं, “वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो, वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो”