Hindi Shayari

Posted On: 04-09-2017

काश.. बनाने वाले ने थोड़ी-सी होशियारी और दिखाई होती, इंसान थोड़े कम और इंसानियत ज्यादा बनाई होती।

Posted On: 04-09-2017

मैं शिकायत क्यों करूँ, ये तो क़िस्मत की बात है, तेरी सोच में भी मैं नहीं, मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ तू याद है।

Posted On: 04-09-2017

शर्म नहीं आती उदासी को जरा भी, मुद्दतों से मेरे घर की महेमान बनी हुई है।

Posted On: 04-09-2017

उसकी याद आयी है सांसो जरा अहिस्ता चलो, धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ता है।

Posted On: 04-09-2017

‪धड़कनो मे बस्ते है कुछ लोग, जबान पे नाम लाना जरूरी नही होता।

Posted On: 04-09-2017

तेरा आधे मन से मुझको मिलने आना, खुदा कसम मुझे पूरा तोड़ देता है।

Posted On: 04-09-2017

बड़ी अजीब है ये मोहब्बत.. वरना अभी उम्र ही क्या थी शायरी करने की।

Posted On: 04-09-2017

बहुत से लोग कहते है मोहब्बत जान ले लेती है.. मोहब्बत जान नहीं लेती है बिछड़ने पर यादें अंदर से तोड़ जाती है।

Posted On: 04-09-2017

जहाँ भी ज़िक्र हुआ सुकून का.. वहीँ तेरी बाहोँ की तलब लग जाती हैं।

Posted On: 04-09-2017

गलतफहमी की गुंजाईश नहीं सच्ची मोहब्बत में, जहाँ किरदार हल्का हो, कहानी डूब ही जाती है।

Posted On: 04-09-2017

मोहब्बत की शतरंज में वो बड़ा चालाक निकला, दिल को मोहरा बना कर हमारी जिन्दगी छीन ली।

Posted On: 04-09-2017

मुझे तलाश है उन रास्तों कि, जहां से कोई गुज़रा न हो, सुना है.. वीरानों मे अक्सर, जिंदगी मिल जाती है।

Posted On: 04-09-2017

कागज के बेजान परिंदे भी उड़ते है, जनाब, बस डोर सही हाथ में होनी चाहिए।

Posted On: 04-09-2017

शायरी भी एक खेल है शतरंज का, जिसमे लफ़्ज़ों के मोहरे मात दिया करते हैं एहसासों को।

Posted On: 04-09-2017

मुझको छोड़ने की वजह.. तो बता देते, मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हजारों थे।