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🌹🌿🍁🌿🌹 *मनुष्य का अमूल्य धन* *उसका व्यवहार है,* *इस धन से बड़कर* *संसार में कोई और धन नहीं।* *पैसा आता है चला जाता है,* *पैसा आपके हाँथ में नहीं है* *पर व्यवहार आपके हांथों में हैं* *व्यवहारकुशल बने रहिये,* *सदैव प्रसन्न रहें।*l 🌹☘आपका हर पल सुंदर हो☘

*अभिमान तब आता है* *जब हमे लगता है हमने कुछ काम किया है,* *और* *सम्मान तब मिलता है जब दुनिया को लगता है, कि आप ने कुछ महत्वपूर्ण काम किया है* *जो दूसरों को इज़्ज़त देता है* *असल में वो खुद इज़्ज़तदार होता है* *क्योकि* *इंसान दूसरो को वही दे पाता है* *जो उसके पास होता है।* 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚 *🙏स्नेह वंदन🙏* 🌸 *सुप्रभात* --

Posted On: 25-03-2021

💐 *खुश रहिए मस्त रहिए*💐 👍👍 🌾🍁🌿🌾🍁🌿🌾🍁🌿 😊: *इस जीवन की चादर में* *सांसों के ताने बाने हैं*' *दुख की थोड़ी सी सलवट है* *सुख के कुछ फूल सुहाने हैं*. *क्यों सोचे आगे क्या होगा*, *अब कल के कौन ठिकाने हैं*, ☝ *ऊपर बैठा वो बाजीगर* , *जाने क्या मन में ठाने है* *चाहे जितना भी जतन करे* *भरने का दामन तारों से*, *झोली में वो ही आएँगे*, *जो तेरे नाम के दाने है*."" 🙏 *मीठा मीठा नमस्कार* 🙏 💐🌹🌿🍁🌾🌹🌹🌿🍁🌾💐 🌺🌺🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌺🌺

🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 *🌹🎄प्रभात_पुष्प 🎄🌹* 👉चलते रहे कदम तो                किनारा जरुर मिलेगा । अन्धकार से लड़ते रहे                सवेरा जरुर खिलेगा । जब ठान लिया मंजिल पर जाना                रास्ता जरुर मिलेगा । ए राही न थक, चल.           एक दिन समय जरुर फिरेगा…। *🌞🍀शुभ प्रभात☘🌞* ✨✨✨✨✨✨✨

तनख्वाह कम थी , और घर की जिम्मेदारियां ज्यादा दिखी , यूं ही नौकरी नहीं छोड़ा उसमें , रिजाइन मारते वक्त , उसने अपनी एक -दो प्रॉब्लम लिखी, बोस को उसकी प्रॉब्लम नहीं दिखी , रिजाइन एक्सेप्ट कर लिया , ये भी नही पढ़ा कि उसने बात क्या लिखी, बोस को भी समझना चाहिए बंदे की बात को , ऐसे ही थोड़ी न सबके सामने बयां करेगा वो अपने जज़्बात को , यूं ही नौकरी नहीं छोड़ा उसमें , रिजाइन मारते वक्त , उसने अपनी एक -दो प्रॉब्लम लिखी, क्योकि उसको घर की जिम्मेदारी ज्यादा दिखी, राधे सर बहुत मिस करूंगा हम आपको , बॉस नहीं समझा तो क्या हुआ , मैं समझ रहा हूं आपकी जज़्बात को, ज्यादा नहीं लिख रहा हूं , यह मैसेज पहुंचाना अपने बॉस को , कुछ तो समझे बोस बंदे की बात को , मैं भाई का छोटा भाई इसीलिए मैसेज लिख रहा हूं रात को....✍️ *~भाई का छोटा भाई*

मैं ही हमेशा कहूं तुम भी कह दो कभी , हमेशा मैं ही मनाऊं तुम भी मुझे मनाओ कभी , रिश्तों मैं नोक झोंक चलती रहती है तुम यू न छोड़ कर जाओ कभी , जो कभी गलत करू तो तुम भी समझाओ कभी , हमेशा मैं ही निभाऊ तुम भी रिश्ता निभाओ कभी , हमेशा तो मैं ही लिखता रहता हूं पढ़कर तो सुनाओ तुम कभी , झूठ ही सही , पर प्यार जताओ तो कभी , मुझे भी अच्छा लगता है तारीफ सुनना मेरी तारीफ में कुछ बताओ कभी , बेशक मैं बुरा हूं पर रिश्ता अच्छे से निभाता हूं यही तो बताओ कभी , क्या जरूरत है झूठी अफवाह फैलाने की दुनिया को सच सच बताओ कभी , मैं लिखने को तो पूरा जहां लिख दूं पर यह दुनिया मेेरा लिखा पढ़े कभी , सब मुझे अच्छा बोले मैं इतना भी तो नहीं हूं सही , मोहब्बत मे नहीं टूटा हूं मैं जो आप लोग तारीफ ना करो मेरी कभी , मैं भाई का छोटा भाई कविता लिखता हूं कभी-कभी...✍️ ~भाई का छोटा भाई

sadime raxawal

motihari

raxawal partime

Delhi to patna

Posted On: 24-03-2021

Meri zindagi ke har ek kisse ko Aaj kitab samjh ke padh rahe hai woh ..