अये बेवफा मैं तेरी बेवफाई में दिल बेकरार ना करूं, अगर तू कह दे तो मैं तेरा इंतजार ना करू, अगर तू है बेवफ़ा, तो कुछ इस कदर बेवफाई कर, कि तेरे बाद मैं किसी और से प्यार ना करू ।।
Words for every feeling
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A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.

tumhe bhul jau aise bni koi trikh nhi
jo aap kr rahe ho ?jnab wo thik nhi
aj tumhara kl kisi aur ka
mere mohbat itni kachi nhi h -2
jnab itni nrazgi achi nhi h
mohabat k safar pe kuch is trah se bhage hum..na rat bhar soye na rat bhar jage hum..?⌚
जब भी किसी निगाह ने मौसम सजाए है।
तेरे लबों के फूल बहुत याद आए हैं।
रिश्ते के वफाओं का इंतजार ,हम भी हवाओ में चिराग ले के आए है।
Ye gumein wafaye mohobbat v kya dard deti hai seene m dard kitna v ho chupane ke liye thikana mil hi jata hai
छुपानी पड़ती है दिल की सच्चाई कभी कभी ,
बहुत बुरी लगती है ये अच्छाई कभी कभी ,
लोग पूछते हैं तू अपने बारे में कुछ बताता क्यों नहीं ,
सच सच अपनी जिंदगी को जताता क्यों नहीं ,
हर पल जख्म गम लिखता रहता है ,
तू दो पल हंस कर बिताता क्यों नहीं ,
सब के बारे में लिखता रहता है ,
तू अपने बारे में कब लिखेगा ,
जब दुनिया तुझे गलत समझ जाएगी ,
क्या तब तू सीखेगा ,
मैं गलत हूं कि सही मैं खुद ही खुद को परखूंगा ,
यह दुनिया है दोस्त भगवान को भी बुरा कहती है ,
अगर यह दुनिया एक दर्द सहती है ,
तो 1000 लफ्ज़ भगवान को गलत कहती है ,
खैर छोड़ो ये तो इंसान हैं ,
अब इंसानों में इंसानियत कहां रहती है ,
मुझे गलत समझने वाले समझ जाओ ,
तुम्हारी समझदारी ही इतनी है ,
मैं अपनी अच्छाई के बारे में क्या लिखूं ,
जितना तुम समझ गए मुझे ,
औकात ही तुम्हारी उतनी है,
खैर छोड़ो साहब ,
बहुत सारी बातें बता दिया ,
भाई का छोटा भाई अपने बारे में जता दिया ,
हर वक्त लिखता था अपनी जिंदगी का गम ,
आज इस कविता में खुद क…
आपकी दोस्ती हमारी सुरो की ताज है ।
और आप जैसे दोस्तो पे हमें नाज है ।
कल कुछ भी हो जाए इस जिन्दगी में मगर, आपकी हमारी दोस्ती वैसी ही रहेगी जैसे आज है ।

"रात नहीं सपने बदलते हैं, मंजिल नहीं कारवां बदलता है, जज़्बा रखो हमेशा जीतने का, क्यूंकि नसीब बदले न बदले, लेकिन वक्त ज़रूर बदलता है I

अच्छी ज़िन्दगी जीने के दो तरीके हैं,
जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो।
या फिर जो हासिल हुआ है उसे पसंद करना सीख लो।

काँटों पर चलकर फूल खिलते हैं,
विश्वास पर चलकर भगवान मिलते हैं,
एक बात याद रखना दोस्त, सुख में सब मिलते है,
लेकिन दुख में सिर्फ भगवान .मिलते है. आपका सेवक भाई मनोज कुमार यादव

जो मिला उसे गुजारा ना हुआ ।
जो हमारा था हमारा ना हुआ ।
हम किसी और से मनसुब हुए क्या ये नुकसान तुम्हारा ना हुआ,
खर्च होता रहा मोहबब्त में फिर भी इस दिल को खासारा ना हुआ,
दोनों एक दूसरे पे मरते रहे कोई अल्हा को प्यारा ना हुआ ।
बेतकल्लुफ़ भी वो हो सकते थे हमसे ही कोई इशारा ना हुआ.…....
❤️ शुभ रात्रि❤️

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