जीना चाहा तो जिंदगी से दूर थे हम !
मरना चाहा तो जीने को मजबूर थे हम !
सर झुका कर कबूल कर ली हर सजा!
बस कसूर इतना था कि बेकसूर थे हम !!
Words for every feeling
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A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.
पानी से तस्वीर कहाँ बनती है !
ख्वाबों से तकदीरकहाँ बनती है !
किसी भी रिश्ते को सच्चे दिल से निभाओ !
ये जिंदगी फिर वापस कहाँ मिलती है !!
कुछ बूंदें तो गिरा प्यार की दिल जमीन पर,
बड़ी आग लगी है दिल में सब कुछ लुटाकर।
एहसान एक कर, मिला कर नजरों से नजर,
कभी हकीकत में भी आ ख्वाबों से निकलकर।
सीने में जलन आँखों में तूफ़ान क्यों होता है,
इस आशिकी में हर आदमी परेशान क्यों होता है।
अब बदल गई कॉलेज वाली चाल ,
बीत गए कॉलेज वाले साल ,
आज दिन भी आ गया तेरा महाकाल ,
वो दोस्त की गाथा कुछ इस प्रकार बताऊंगा ,
वह दोस्त नहीं कलेजा था मेरा ,
कलेजा भी काट के दिखाऊंगा ,
नाम उसका अंकित काम अनगिनत किया ,
जिस दिन मैं कॉलेज नहीं गया उस दिन मेरी अटेंडेंस दिया,
कल दोस्त कि बातों से मुझे दिल से रोना आ गया ,
बोला कहां है मेरी किस्मत दोस्त मैं तो पैऱ से धोखा खा गया ,
वो देख रहा है सपना फौज का ,
और देशभक्ति का जुनून छाया हुआ है ,
क्या करेगा मेरा दोस्त भी एक पैर से वो मार खाया हुआ है,
पर उस पर जुनून इतना बोला मैं करूंगा देश भक्ति ,
मैं बोला सब्र कर दोस्त भगवान में बहुत है शक्ति,
लगन से मेहनत कर एक दिन तू जीत जाएगा ,
और ये जो अभी तेरे उपर हंसते है ना इनके लिए तू इतिहास बनाएगा ,
और जिद पकड़ ले तू एक बात की ,
पोस्टिंग आएगा तू भी मेरे साथ ही,
इन हाथ की लकीरों पर विश्वास करना छोड़ दो,
और अपनी मेहनत पर ध्यान दो जो बीच रास्ते में आए उसे तोड़ दो ,
मै यकीन दि…
दो दिन कि मुहब्बत मे सारे खुशियो के लम्हें गुजर गऐ गम का ऐसा खन्ज़र मरा है कि दिल के कतरे बिखर गऐ इन कतरों को समैटते समैटते कबृस्तान आ गऐ

कि आपनी तमाम खुशिया इकठ्ठी हो गई और आपने सारे दोस्तो की शादीयाँ हो गई तो क्यू ना सपना सजाते है शाँपिग मे वर माला खरीद लेते है तो क्यू ना हम भी शादी कर लेते है
मेरी आखरी साश पै तेरा ही नाम और होंटो पै तेरा ही जिकृ रह जाऐ और इस दिल ख्वहिंश पूरि हो जाऐ कि मेरी दम तेरी वाहो मे निकल जाऐ
हम जिन्हें देखकर जी रहें थे आज समझ आया कि वो मेरे इंतकाल से पहले कबृ का इंतजाम कर रहें थे

माँ बाप का होना भी
किसी खजाने से कम नहीं है ,
अगर मां-बाप का सर पे हाथ है
तो जिंदगी में गम नहीं...✍️
*~भाई का छोटा भाई*
मंज़िले भी जिद्दी हैं
रास्ते भी जिद्दी हैं
देखते है कल क्या होगा
हौसले भी तो जिद्दी हैं!♥️

प्यार से ज्यादा जिम्मेदारियों का पाठ पढ़ाया जाता है ,
कितनी मुश्किल से कमाते हैं पैसा बचपन से हम लड़को को यही सिखाया जाता है...✍️
*~भाई का छोटा भाई*
कल मैं नीद मे था तब,
एक झलक ज़िन्दगी को देखा ,
वो मेरी राह में गुनगुना रही थी ,
मैंने उसको ढूंढा उसे इधर उधर ,
वो सहला कर मुझे सुला रही थी ,
मुझे ज़िन्दगी क्यो देती है इतना दर्द,
मैं उसे और वो मुझे बता रही थी ,
मैंने पूछा तुने मुझे ये दर्द क्यों दिया
उसने कहा मैं ज़िन्दगी हु तुझे जीना सिखा रही थी ,
मैंने कहा जीना कहा मै तो घुट घुट कर मर रहा हूं ,
ये ज़िन्दगी मुझे माफ कर दे,
अब मैं जीने से डर रहा हूँ,
मैं अपने ही जज्बातों को लिख लिख कर पढ़ रहा हूं ,
थक गया जी जी के ए जिंदगी मुझे माफ कर दे ,
अब मैं जीने से डर रहा हूं ,
जख्म भरा शरीर लेकर मैं ऐसे ही धीरे-धीरे मर रहा हूं ,
ए जिंदगी मुझे मौत दे दे ,
अब मैं जीने से डर रहा हूं ,
वक्त सही नहीं है इसलिए मैं भाई का छोटा भाई लिखने से भी हर रहा हूं ,
ए जिंदगी मुझे मौत दे दे,
अब मैं जीने से डर रहा हूँ ,
ए जिंदगी मुझे मौत दे दे,
अब हम जीने से डर रहा हूं...✍️
~भाई का छोटा भाई
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