Latest Shayari

Na koi jannat hai Na hi koi dozakh hai Sab faltu ki bakwaas hai Sab faltu ki bakbak hai

Sab padha tha sab bhool gaya Kuch yaad nahi Har koi yahaan Kisi na kisi ka gulaam hai Yahaan koi azaad nahi

Waqt agar pade toh roti ki bhikh maang lunga insaan ke paas Par koi galey par talwar bhi rakhe Toh duaa ki bhikh nahi maanguga Kisi bhagwaan vagayra vagayra Ke paas

जिंदगी के सारे दर्द मुझमे है भरे , बहुत परेशान हू मै कृपया तंग न करे...✍️ ~भाई का छोटा भाई

Rishtey barkarar hai Par mohabbat nahi rahi Koshish karne se khuda bhi mil jaata Par tumhari ibadat ka Tarika nahi sahi

Posted On: 09-11-2020

पीने की capacity, जीने की strength, अकाउंट का balance, और नाम का खौफ कभी कम नहीं होना चाहिए

Be yourself; everyone else is already taken. Rakesh pal

Jitni rangeen thi zindagi Utni hi gamgeen ho gayi Jab se jaannashin kho gayi Aahista aahista aur sangeen ho jayegi

Bahot koshisey karte hai log Apne kalaam mein mithas lane ki Magar dil mein itna dard bhara hota hai Ke kalam se bhi kadwas hi nikal ti hai

Ishwar allaah god vagyara vagyara sab bina matlab ke mahez kore shabd hai Inse kuch magna kuch pane Ki ummeed rakhna jahaalat ki Had hai

छुट्टी भेज दो यार , अपना भी है एक छोटा सा परिवार , क्या मुझे अच्छा नहीं लगता गांव घर, या मैं ऐसे ही घूमता रहूं दर बदर , कभी इधर कभी उधर कभी वहां जाना है , घर वाले पूछ रहे हैं छुट्टी कब आना है , क्या बोलूं घर वालों को कि नहीं मिल रहा है अवकाश , जब आऊंगा छुट्टी तो समय हो जाएगा पास , ये रख लो अपना तामझाम मुझे घर की याद आ रही है , साहब मुझे छुट्टी भेज दो अब मेरे इधर ट्रेन जा रही हैं , पहले तो बोले थे हो जाने दो ADM , बंदो को छुट्टी भेज दूंगा कम से कम , साहब जो बोले थे वो बात अब कहां रही , साहब मुझे छुट्टी भेज दो मां की याद आ रही , मां चिंतित है गांव में कि तू इधर उधर कहां जाता है , अब तो तुझे भी चार-पांच महीने हो गए छुट्टी क्यों नहीं आ जाता है , अब मां को कैसे समझाऊं कि यहां छुट्टी मिलना इतना आसान नहीं , मैं अकेला बंदा यहॉ छुट्टी से परेशान नही , सबकी मॉए हैं सबको घर की याद आती है , मैं तो झूठ बोलकर भी आ जाऊं मॉ छुट्टी पर यहाँ फर्ज निभाने वाली बात आ जाती हैं , मां मेरी जिंदगी का यही सार है , साहब मुझे छुट्टी भेज दो मेरा भी एक छोटा सा परिवार है , अब और क्या बताऊं साहब भाई का छोटा भाई का कलम छुट्टी लिख लिख कर रह गया , जब शाम हुई तो फिर से ड्यूटी (कर्तव्य) पर चढ़ गया , फिर मॉ फोन करती रही पूरी रात और मैं फोन उठाने से रह गया , अब मां को कैसे बताऊं कि मैं ड्यूटी (कर्तव्य) पर चढ़ गया , ड्यूटी ( कर्तव्य ) से उतर का मां का इतना फोन देखा तो मुझे ऐसा लगा कि मेरी जिंदगी ऐसे ही जा रही है साहब मुझे छुट्टी भेज दो मां की याद आ रही है , साहब मुझे छुट्टी भेज दो मां की याद आ रही है...✍

Posted On: 07-11-2020

Love your life whether the time creates obstacles in your way.

वाह क्या वक्त चल रहा जो हम खड़े रहते हैं सारी सारी राते , दिन में सोना मुश्किल है और रातो मे हम सो नहीं पाते... ✍️ ~भाई का छोटा भाई

Man Meri Rahon ka to Basera ban gayi ,Jab Bhi Main andheron Mein Raha vah Man Tu Savera ban gai,, Is Duniya Mein Aaya Main Kuch Is Tarah,, Mere Har Ek Dard Ka Tu Sahara Sahara ban gayi,,

Aye zindagi tera matlab kya tera maqsad kya Teri hadh kya Teri sarhadh kya