Latest Shayari

मुस्कुराओ क्या गम है, जिंदगी में टेंशन किसको कम है, अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है, जिंदगी का नाम ही.. कभी खुशी कभी गम है!!

Posted On: 18-08-2020

पूरी दुनिया जीत सकते है संस्कार से… और…. जीता हुआ भी हार जाते है, अहंकार से…!!

*_अब मुनासिब है घर बना लूँ अपने दर्मियां अपने दिल-ए-सवालात का। तबियत इज़ाजत नही देती मुझे गुफ्तगू करने की।।। कब्र-ए-गाह दफन ए जुस्तजू आलम-ए-मरहम नसीव नही होता। दफन हो जाती बहुत सी ख्वाहिशे पर याद न आना हर किसी के नसीव नही होता।। वो शायर।।।।_*

Posted On: 18-08-2020

बहा कर ले चला वारिश का पानी उन सपनो को जिन्हे हालातो ने दिखाया था कभी ।।। फीके पड़ गय सब तौर तरीके जिन्हे जिन्दगी ने सिखाया था कभी ।।। अब मेघ वरसा ऐसा क्या सरकार,क्या हकुमत देखते रह गये सभी के सभी।। सवाल अब सरकारो से क्या पूछें, जबाब जानते है फिर कह देंगे काम तो करवाया था ओर टेंडर भी लगया है अभी अभी ।।। वो शायर।।।

Posted On: 18-08-2020

तिनका तिनका इकठ्ठा किया घोंसला बनाया। एक तुफान आया उड़ा कर ले गया। फिर कोशिश की तिनका तिनका इकठ्ठा किया तुफान आया उड़ा कर ले गया। फिर वही कोशिश इकठ्ठा किया तुफान आया उड़ा कर ले गया।। इस बार इकठ्ठा करने के लिए कुछ भी नही बचा तुफान आया चला गया। तूफान आया चला गया ।। वो शायर।।।।

Posted On: 18-08-2020

बहुत शिद्द्तों से बने आशियां की दीवारे-ए-दर्मिन्यां की दरारे भरने चला था मैं। मसरूफ इतना था की पता ही नही चला की कब दिवार मेरे उपर गिर गयी। अब न दर रहा न रही दिवार ओर ना ही रही कोई दरार। रहा सिर्फ दर्द,ज़खम वस ज़खम Vo shayar

Posted On: 18-08-2020

सुना है हिसाब माँगते हो आओ बैठो कर देते हैं। बढ़ गई है शायद दिलों में बहुत नफ़रत सामने आओ थोड़ी और भर देते हैं। वो शायर

Posted On: 18-08-2020

अपने ही दिये जखम भर रहा हूं मैं क्या बताऊँ किसी को की आजकल क्या कर रहा हूं मैं। फैसला मेरा है इसलिए शिकायत नहीं है किसी से मुझे अपने आप से ही रह रह कर गुजर रहा हूं मैं। जरूरत नहीं है अब किसी के साथ की,मिजाज ए बारिश का रुख जानता हूं पानी की तरह पल पल बह रहा हूं मैं। ईलम नहीं है मुझे गजल ए वफ़ा लिखने का ना जाने क्या-क्या कह रहा हूं मैं। बस जानता हूं आवाज ए बयान की गुफ्तगू इसलिए कुछ नया कर रहा हूं मैं। वस अब और बर्दाश्त नहीं होता यह सोच सोच कर रोज अपने आलम ए दासताँ का घर भर रहा हूं मैं। न जाने आजकल क्या कर रहा हूं मैं, न जाने आजकल क्या कर रहा हूं मै। वो शायर

Posted On: 18-08-2020

प्यार जब मिलता नही तो होता ही क्यूँ है” “अगर ख्वाब सच नही होते तो इंसान सोता क्यू है” “जब यही प्यार आँखो के सामने किसी और का हो जाए” “तो फिर यह पागल दिल इतना रोता क्यूँ है”

Posted On: 17-08-2020

💕💞🌲🌹दिल मैं हर राज़ दबा कर रखते है, होंटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है, ये दुनिया सिर्फ़ खुशी मैं साथ देती है, इसलिए हम अपने आँसुओ को छुपा कर रखते है। 💕💞💕  

जंजीरों में जकड़ी हुई लफ्ज़-ए-सियाही को मिटा देना चाहती है आलम-ए आवाम फिर कहते हैं कि हिज्र-ए-बयानात का मौका नही मिलता || वो शायर |||

Posted On: 17-08-2020

बाग में उदास क्यों बैठी हो, गम ना कर फूलों के मुरझाने का.. बाहर आएगा कभी न कभी, वक्त आएगा मुस्कुराने का...

Posted On: 17-08-2020

प्यार कहते है आशिकी कहते है कुछ लोग उसे बंदगी कहते है मगर जिसके साथ हमें मोहब्बत है हम उन्हें अपनी जिन्दगी कहते है !!

Posted On: 17-08-2020

ख़ामोशी इकरार से कम नहीं होती, सादगी भी सिंगार से कम नहीं होती, ये तो अपना अपना नज़रिया है मेरे दोस्त, वर्ना दोस्ती भी प्यार से कम नहीं होती

Posted On: 17-08-2020

आपकी चाहत हमारी कहानी है ये कहानी इस वक़्त की मेहरबानी है हमारी मौत का तो पता नहीं पर हमारी ये ज़िंदगानी सिर्फ आपकी दीवानी है