जहां गुंजाइशें है, वही हर रिश्ता ठहरता है! अजमाइशें अक्सर रिश्ते तोड़ देती है!
Writer’s notebook
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रिहा हो गई बाइज्जत वो मेरे कत्ल के इल्जाम में, शोख निगाहों को अदालत ने हथियार नहीं माना
बहुत अजीब है ये बंदिशें मोहब्बत की,
ना उसने कैद में रखा ना हम आजाद हुऐ!
अगर आपको कोई पसंद आये,तो सीधा जाकर बोल दो.. उसकी हर पोस्ट पर एंबुलेंस की तरह wow wow करने से कुछ नहीं होगा!
सुर्खियों में रहना आसान है, किसी के दिल में रहने से!
लोग अफसोस से कहते हैं कि कोई किसी का नहीं,
और "खुद" खुद से पूछना भूल जाते हैं कि हम किसके हैं!
दीदार से ही आपके नशा, ना जाने क्या चल जाता है,
दिल सुनता ही नहीं मेरी, बस आपकी ओर बढ़ जाता है!
इजाजत नहीं देती है मुझे मेरी वफाएं,
कि फिर से चांद ढूंढता हुआ आसमाॅ निहारूॅ!!
तु वो चाँद है जिसे मैं पाना नहीं चाहता, पर तुझे देखने का एक भी मौका गवाना नहीं चाहता, तुझे दूर से चाहना मंजूर है मुझे, मेरी इसी इबादत पर गुरूर है मुझे।;
मैंने वफ़ा की फिर भी महबूब खो दिया,
पूरी महफिल को पता चला, पूरी महफिल रो दिया!!
रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी प्यार होता है,
क्यू देखते है हम वो सपने..
जिनके टूटने पर भी उनके
सच होने का इंतेज़ार होता है
मेरी भी एक चाँद थी, मुझे भी गुमान था...
हाँ... इतना जरूर मैं भूल गया ..
कि उसका सारा आसमान था...!!
जिनको मैंने जन्नत मानी है
उसने मेरे लिए मन्नत मांगी है
मैने तुझे चांहा था तेरे प्यार के समंदर में डूबकर।
जिन्दगी का हर ख्वाब अधूरा सा रह गया
तेरा साथ छूटकर ।
लोग तो यूं ही कहा करते है
कि हर मर्ज की दवा मिल जाती है।
लेकिन मै कैसै मान लूं कि वो सीसा जुड जायेगा
जो कल टूटा था भरी महफिल में
उसके हाथों से छूट कर...!!
कोशिश करते रहें, हार हो या जीत...
जीत गए तो मीत है हार गए तो प्रीत...
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